दीपावली पर जहां घरों की सफाई आदि के बाद सजावट करने की उत्सुकता लोगों में होती है वहीं बच्चों व युवाओं में पटाखा छोड़ने की जल्दबाजी रहती है। दीपावली से दो-तीन दिन पूर्व ही बच्चे व युवा पटाखा छोड़ने लगते हैं। पटाखा की मांग अधिक होने के चलते दुकानदार भी पटाखा की बिक्री जम कर करते हैं, लेकिन अब पटाखा से बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए जिला प्रशासन काफी सतर्क हो गया है। पटाख बेचने के लिए लाइसेंस देने में जिला प्रशासन काफी सख्ती बरत रहा है। अब तक जिला प्रशासन के पास सिर्फ सात दुकानदारों ने पटाखा बिक्री के लिए लाइसेंस को आवेदन दिया है।

इसमें भभुआ नगर के वार्ड नंबर तीन निवासी आसिम अंसारी, वार्ड नंबर 15 निवासी जाहिर हुसैन, वार्ड नंबर 24 निवासी शेख परवेज अली, वार्ड नंबर 24 के मो. जियाउलहक, वार्ड नंबर 23 के राकेश अग्रवाल, वार्ड नंबर 25 के अशोक प्रसाद, वार्ड नंबर 22 के जाफर हुसैन शामिल हैं। उक्त लोगों के आवेदन की जांच एसडीओ कर रहे हैं। इसके बाद वे जिला प्रशासन को आवेदन प्रेषित करेंगे। जहां से उक्त लोगों को पटाखा बिक्री के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। ग्रीन पटाखा का उपयोग करें लोग -

आम पटाखों को छोड़ने से बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए अब बाजार में ग्रीन पटाखे आ चुके हैं। जो काफी पसंद किए जा रहे हैं। इन्हें छोड़ने से 50 प्रतिशत कम प्रदूषण होगा। यह वातावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी कम हानिकारक है। मिली जानकारी के अनुसार ग्रीन पटाखे तीन तरह के होते हैं। पहला जो जलने के साथ पानी छोड़ते हैं। इसमें सल्फर व नाइट्रोजन घुल जाते हैं। दूसरा जलने पर सल्फर व नाइट्रोजन छोड़ते हैं। इसमें एलुमिनियम की मात्रा काफी कम होती है और तीसरा जो जलने के साथ खुशबू देते हैं। इससे ये वातावरण को अधिक प्रभावित नहीं करते हैं। ---------------

इस बार लाइसेंस जिला प्रशासन के स्तर से ही दिया जाएगा। जो आवेदन मिला है उसकी गहनता से जांच की जा रही है। इसके अलावा जो दुकानदार ग्रीन पटाखा की बिक्री नहीं करेंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।

- जन्मेजय शुक्ला, एसडीएम, भभुआ

Posted By: Jagran

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