आइसीडीएस योजना के अंतर्गत जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। जिले में 1765 आंगनबाड़ी केंद्रों के स्वीकृति के अनुपात में 1491 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन जिले के विभिन्न प्रखंड क्षेत्रों में वर्तमान समय में किया जा रहा है। इसमें से 691 आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अब तक अपना भवन नसीब नहीं हो सका है। इसके चलते ये आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से अब तक केवल 609 आंगनबाड़ी केंद्रों को अपना भवन नसीब हुआ है। इस संबंध में पूछे जाने पर डीपीओ आइसीडीएस रश्मि कुमारी ने बताया कि भवनों के निर्माण के लिए सभी सीडीपीओ से जमीन का ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा गया। ताकि जमीन का ब्योरा मिलने के उपरांत आंगनबाड़ी केंद्रों को अपने भवन में संचालित किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण मनरेगा योजना के द्वारा किया जा रहा है। साथ ही 294 आंगनबाड़ी केंद्रों पर मनरेगा द्वारा शौचालय के निर्माण का कार्य भी पूर्ण कराया जा रहा है। जिसकी राशि आइसीडीएस द्वारा दी गई है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन नहीं होने के संबंध में कहा कि राज्य के वरीय पदाधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से सूचित कराया जा चुका है। प्राप्त दिशा निर्देश के आलोक में अग्रिम कार्रवाई भवन निर्माण के संबंध में की जाएगी। आइसीडीएस पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 82 आंगनबाड़ी केंद्र स्कूलों में संचालित हो रहे हैं। जबकि 109 आंगनबाड़ी केंद्र सामुदायिक भवन सहित अन्य सरकारी भवनों में संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधौरा प्रखंड क्षेत्र में 29 आंगनबाड़ी केंद्र अपने भवन में तथा 11 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किराए के भवन में किया जा रहा है। जबकि चार स्कूलों में व एक अन्य सरकारी भवन में संचालित हो रहा है। वहीं रामपुर प्रखंड क्षेत्र में 56 अपने भवन में, 24 किराए पर, तीन स्कूल में, पांच सरकारी भवन में चल रहे हैं। भभुआ प्रखंड में 96 अपने भवन में, 139 किराए के भवन में, 16 स्कूल में व 16 अन्य सरकारी भवनों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। भगवानपुर में 58 अपने भवन, 11 किराए पर, सात स्कूल में, नौ अन्य सरकारी भवन में, चैनपुर में 55 अपने भवन में, सौ किराए के भवन में, 8 स्कूलों में, आठ सरकारी भवनों में, चांद में 44 अपने भवन में, 55 किराए के भवन में, तीन स्कूलों में व आठ अन्य सरकारी भवन में चल रहे हैं। वहीं मोहनियां में 77 अपने भवन में, 76 किराए पर, तीन स्कूलों में व 16 अन्य सरकारी भवन में चल रहे हैं। दुर्गावती में 47 अपने भवन में, 68 किराए के भवन में, नौ स्कूलों में व नौ अन्य सरकारी भवनों में आंगनबाड़ी केंद्र चलाए जा रहे हैं। इसी प्रकार अन्य भवनों में भी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

Posted By: Jagran

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