शारदीय नवरात्र का गुरुवार को पांचवा दिन रहा। श्रद्धालुओं ने पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा-अर्चना कर सुख शांति के लिए आशीर्वाद मांगा। बता दें कि स्कंदमाता की चार भुजाएं हैं। इनका वर्ण पूर्णत: शुभ्र है। ये कमल के आसन पर विराजती हैं। इनका वाहन सिंह हैं। मान्यता है कि स्कंदमाता की आराधना से सभी इच्छा पूर्ण होती है। इसी मान्यता को लेकर गुरुवार को स्कंदमाता की पूजा-अर्चना करने के लिए जिले के सभी देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की खूब भीड़ हुई।

भगवानपुर प्रखंड में स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ते जा रही है। मौसम के बार-बार बदलने के बावजूद श्रद्धालुओं की श्रद्धा कम नहीं हो रही है। श्रद्धालु सुबह ही मां मुंडेश्वरी का दर्शन करने के लिए पहुंच जा रहे हैं और लाइन में लग जा रहे हैं। मां मुंडेश्वरी का दर्शन करने के लिए श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। बारी आने तक लाइन में लगे श्रद्धालु मां मुंडेश्वरी का जयकारा लगाते रह रहे हैं। इससे मुंडेश्वरी मंदिर का परिसर जयकारा से गूंजता रह रहा है।

इसके अलावा अन्य प्रखंडों में स्थित देवी मंदिरों व धाम में भी प्रतिदिन दूर-दराज के गांवों से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आ रहे हैं। इसके अलावा पूजा पंडालों में भी अब सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। शुक्रवार को पूजा पंडालों में विराजमान देवी मां की प्रतिमा अस्त्र-शस्त्र से सुसज्जित हो जाएगी। इसके बाद सप्तमी यानी शनिवार से श्रद्धालु मां दुर्गा का दर्शन करने के लिए आने लगेंगे। हालांकि बुधवार की शाम और गुरुवार की दोपहर बाद हुई बारिश से पंडालों में सजावट के कार्य में रुकावट आई है। लेकिन पूजा समिति के लोग बारिश रुकने के बाद कार्यों को पूरा करने में लग जा रहे हैं।

Posted By: Jagran

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