जल जीवन हरियाली मिशन के तहत जिला प्रशासन ने भी अपने प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस मिशन को लेकर राज्य सरकार भी काफी गंभीर है। सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन भी इस मिशन की सफलता के लिए पूरी तत्परता से लग गया है। इस मिशन के अंतर्गत पहले चरण में जिले की 45 योजनाओं का चयन किया गया है। आगामी अक्टूबर माह के अंत तक उक्त योजना में शामिल जलस्रोतों का जीर्णोद्धार होने की उम्मीद है। इसमें शामिल जलस्रोतों को 25 सितंबर तक अतिक्रमण मुक्त करा कर दो अक्टूबर से इसके जीर्णोद्धार का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।

भभुआ अनुमंडल के एसडीओ जन्मेजय शुक्ला ने बताया कि 45 योजनाओं को पहले चरण में चयनित किया गया है। लघु जल संसाधन विभाग के अपर सचिव ने पत्र जारी कर इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया है। उन्होंने बताया कि भभुआ व मोहनियां दोनों अनुमंडल के लिए 45 योजनाएं हैं। इसमें चैनपुर, चांद, भभुआ, भगवानपुर में छह, अधौरा व रामपुर में दो-दो, दुर्गावती में एक, मोहनियां में सात तथा रामगढ़ व नुआंव में एक-एक योजनाओं को लिया गया है। इसके तहत पोखर, आहर व पईन के जीर्णोद्धार का कार्य कराया जाएगा। इन जलस्रोतों से अतिक्रमण हटवाने के लिए दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारियों को भी प्रतिनियुक्त कर दिया गया है। जिसमें दंडाधिकारी संबंधित अंचल के सीओ व थाना के थानाध्यक्ष को पुलिस पदाधिकारी प्रतिनियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी अपने अंचल से संबंधित सभी योजनाओं का स्थाई व अस्थाई अतिक्रमण की जांच करेंगे। जांचोपरांत विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए 25 सितंबर तक निश्चित रूप से अतिक्रमणमुक्त करा कर अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को सूचना देंगे। एसडीएम व एसडीपीओ भभुआ तथा मोहनियां अपने अंचलाधिकारी से से समन्वय स्थापित कर अपने पर्यवेक्षण में चयनित योजनाओं को अतिक्रमणमुक्त कराएंगे। इसके अलावा इस कार्य में कार्यपालक अभियंता लघु सिचाई प्रमंडल मोहनियां भी सहयोग करेंगे। साथ ही परिचारी प्रवर पुलिस केंद्र भभुआ अतिक्रमण हटाने के लिए सीओ व थानाध्यक्ष को पर्याप्त संख्या में पुलिस बल उपलब्ध कराएंगे।

Posted By: Jagran

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