जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल सहित सभी प्रखंडों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति को लेकर दैनिक जागरण द्वारा पिछले दस दिनों से चलाए जा रहे अभियान ने आखिरकार अपना रंग दिखा ही दिया। मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सदर अस्पताल सहित पीएचसी भभुआ का औचक निरीक्षण कर पूरे व्यवस्था की जानकारी ली। डीएम आवास से निकलने के बाद अपने कार्यालय जाने से पूर्व ही डीएम सदर अस्पताल के ओपीडी में पहुंचे। जहां उन्होंने सभी व्यवस्था को देख सीएस को अपने साथ लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भभुआ पहुंचे। जहां पर हो रहे सुंदरीकरण के कार्यों का जायजा लिया। डीएम ने हर एक कमरे में स्थित उपकरणों की गहनता से जांच की। मौके पर मौजूद पदाधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। डीएम ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ध्वनि रहित ही जनरेटर का उपयोग किया जाए। इसके अलावा उन्होंने एएनएम की उपस्थिति पंजी की भी जांच की। मंगलवार को होने वाली बैठक में एएनएम पहुंची थी। जिसमें 17 ट्रांसफर होकर नई एएनएम आई थी। वहीं 14 पुरानी एएनएम मौजूद थी। जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुल 45 एएनएम का पद है। 14 एएनएम के उपस्थिति न होने के कारण उनसे स्पष्टीकरण की मांग करने व सभी के वेतन पर रोक लगाने को सीएस अरूण तिवारी से कहा। इसके अलावा बैठक का प्रोसिडिग न तैयार होने को लेकर भी प्रबंधक को फटकार लगाई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जांच के समय चाइल्ड कोल्ड प्वांइट में तीन मशीनें थी। दो मशीन चालू थी और एक बंद। वहां पर तैनात कर्मी सावित्री कुमारी से डीएम ने मशीन बंद होने के संदर्भ में पूछा तो उन्होंने कहा कि अभी तो चालू था। पता नहीं कैसे बंद हो गया है। जबकि कर्मी एक कुर्सी पर बैठी हुई थी। इसको लेकर डीएम ने उनसे भी स्पष्टीकरण की मांग की है। तभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी एचसी लाल पहुंचे। तो डीएम ने लेट आने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि वो स्टेट बैंक के शाखा गए हुए थे। उन्होंने तुरंत स्टेट बैंक के मैनेजर को फोन लगाने को कहा तो उन्होंने बताया कि भीड़ देखकर वो बाहर से ही वापस आ गए है। ऐसे में लापरवाही बरतने को लेकर डीएम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी से भी स्पष्टीकरण की मांग की है।

दोबारा सदर अस्पताल पहुंच दवा भंडार का डीएम ने किया निरीक्षण -

मंगलवार को डीएम का रूख देख कर स्वास्थ्य महकमा में पूरा हड़कंप मच गया। सदर अस्पताल के ओपीडी जांच कर पीएचसी गए डीएम दोबारा जब सदर अस्पताल पहुंचे तो सब कर्मी अपने-अपने कार्यों में लग गए। लेकिन डीएम कहीं और न जाकर सीधे दवा भंडार में पहुंचे। जहां उन्होंने दवाओं के रख-रखाव सहित मरीजों को दवा उपलब्ध कराने जैसी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कंप्यूटर में दवाओं की इंट्री को भी देखा। डीएम ने इस दौरान एक वर्ष के अंदर दवाओं की उपलब्धता व दवाओं के वितरण के बारे में पूरी जानकारी मांगी है।

Posted By: Jagran

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