निसं कुदरा (कैमूर) : प्रखंड अंतर्गत झूनझून वाला आयल मिल बगड़ा के प्रांगण में बासमती धान उत्पादक किसान मेला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता दीनानाथ झुनझुन वाला चेयरमैन व संचालन अजय पांडेय जीएम वाराणसी ने किया। चेयरमैन दीनानाथ ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बासमती धान की खेती व उसका प्रोसेसिंग करने हेतु मेले का आयोजन किया गया है। लगभग 10 हजार टन बासमती धान उत्पादन का लक्ष्य है। इस धान में लागत व समय कम लगता है तथा उत्पादन में मुनाफा ज्यादा होता है। कृषि वैज्ञानिक प्रो. चंद्रसेन सिंह ने बताया कि 44 प्रतिशत किसान खेती से पलायन कर चुके है। अत: किसानों को धान का लाभकारी मूल्य दिलाना जरूरी है। कृषि वैज्ञानिक प्रो. ताकेश कुशवाहा ने बताया कि अच्छे प्रबंधन से बीज का दोबारा प्रयोग हो सकता है। एक क्विंटल में 48 किलो अच्छी क्वालिटी का चावल प्राप्त होता है। किसान उद्यमियों एवं कृषि वैज्ञानिकों का संगम भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा। डा. वीरेन्द्र कमल वंशी ने बताया कि बासमती चावल की मांग पूरे विश्व में बनी रहेगी। मुख्य अतिथि कृषि वैज्ञानिक प्रो. एसके जायसवाल ने बताया कि बासमती चावल विश्व की चहेती चावल है। 16000 करोड़ विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है। उत्तरांचल व बिहार में बासमती का सुनहरा भविष्य है। अतिथियों का स्वागत अंग वस्त्र प्रदान कर निदेशक आशुतोष झुनझुनवाला ने किया। मौके पर पीएम राजेन्द्र सोनी, सूर्यभान सिंह, कमल नयन चौबे, सुदर्शन सिंह, राजेन्द्र दुबे, अनिल सिंह, रवि राय, कमलेश पांडेय सहित करीब 200 किसान मौजूद थे।

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