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जसीडीह-झाझा रेलखंड पर टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव, एसी कोच का शीशा चकनाचूर

Published: Wed, 21 Jan 2026 10:29 PM (IST)

जसीडीह-झाझा रेलखंड पर घोरपारण स्टेशन के पास 18183 अप टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस पर शरारती तत्वों ने पथराव किया। पत्थरबाजी से ट्रेन ...और पढ़ें

जसीडीह-झाझा रेलखंड पर टाटानगर–बक्सर एक्सप्रेस पर पथराव किया गया

जसीडीह-झाझा रेलखंड पर टाटानगर–बक्सर एक्सप्रेस पर पथराव किया गया

HighLights

  1. जसीडीह-झाझा रेलखंड पर टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस पर शरारती तत्वों ने पथराव किया।

  2. पथराव से ट्रेन के एसी कोच का शीशा चकनाचूर हो गया।

  3. आरपीएफ ने झाझा स्टेशन पर जांच शुरू की, यात्री सुरक्षित रहे।

संवाद सहयोगी, जमुई। पूर्व रेलवे के जसीडीह–झाझा रेलखंड पर ट्रेन का सफर अब शरारती तत्वों के निशाने पर है। बुधवार को घोरपारण रेलवे स्टेशन के समीप शरारती तत्वों ने 18183 अप टाटानगर–बक्सर एक्सप्रेस पर पथराव कर दिया। पत्थरबाजी इतनी तेज थी कि ट्रेन के वातानुकूलित कोच का शीशा टूट गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई यात्री चोटिल नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुए हमले से बोगी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जसीडीह-झाझा रेलखंड के घोरपारण स्टेशन के पास हुई घटना

धमाके जैसी आवाज से सहम गए यात्रियों ने बताया कि ट्रेन अपनी गति से चल रही थी, तभी घोरपारण के पास जोरदार आवाज के साथ खिड़की का शीशा टूट गया। यह पत्थर वातानुकूलित बोगी संख्या बी-1 में आकर लगा। अचानक कांच टूटने से अपनी सीट पर बैठे यात्री सहम गए। कुछ देर के लिए बोगी में भगदड़ जैसी स्थिति हो गई, हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।

आरपीएफ ने झाझा रेलवे स्टेशन में किया बोगी का निरीक्षण


घटना के बाद ट्रेन जैसे ही झाझा स्टेशन पहुंची, यात्रियों ने इसकी सूचना रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) को दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ के उप निरीक्षक मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त बी-1 कोच का बारीकी से निरीक्षण किया और प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों से घटना का विवरण लिया।

शरारती तत्वों ने बनाया निशाना, आरपीएफ ने शुरू की जांच

अक्सर इस मार्ग पर ट्रेनों पर पथराव की सूचना मिलती रहती है। इससे यात्रियों को चोटें भी लगती है। इस बार इसकी शिकायत की गई। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। असामाजिक तत्व इस प्रकार की घटना को अंजाम देते हैं। हालांकि इस सिर्फ एक ही मकसद रहता है यात्रियों को कष्ट पहुंचाना। कभी-कभी तो गेट पर खड़े यात्रियों को काफी चोट लग जाती है। इस प्रकार की घटना पैसेजर ट्रेनों में ज्यादा होती है। लेकिन कई बार तो बड़े और प्रमुख ट़्रेनों में भी पथराव की सूचना मिलती है, जो गंभीर विषय है।

घटना की गंभीर बताते हुए कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में डालने वाले शरारती तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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मुकेश कुमार, आरपीएफ के उप निरीक्षक