जमुई। शनिवार को मौसम ने कटवट ली और ठंड के साथ कनकनी से लोग परेशान रहे। दिन भर धूप नहीं निकला। यू कहे कि शुक्रवार की राहत शनिवार को गायब हो गई और शुक्रवार को लोगों के मुंह से निकल रहे आहा शनिवार को ओह में बदल गई। दिनभर लोग ठंड से बचने की गुजाड़ लगाते दिखे। अलाव सहित विभिन्न तरीकों से लोग ठंड से राहत की जुगाड़ लगाते दिखे। सरकारी कार्यालयों में भी रूम हीटर के सहारे पदाधिकारी काम करते दिखे। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डा प्रमोद कुमार ¨सह ने बताया कि शनिवार को तापमान अधिकतम 17 व न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस रहा। 8.5 किलोमीटर की रफ्तार से सर्द पछुआ हवा चली। डॉ. प्रमोद के अनुसार 19 जनवरी के बाद ही तापमान में वृद्धि का पूर्वानुमान है। इधर शनिवार को सर्दी के बावजूद लोग मकर संक्रांति को ले सामान की खरीदारी करने को निकले। लोगों में जल्द से जल्द सामान खरीद घर वापस जाने की जल्दी दिखी। शाम ढलने के साथ ही सड़क शांत पड़ती चली गई। बुजूर्गों की माने तो ऐसी ठंड आठ वर्ष जिले में पड़ी है। इसके पहले 2010 में जनवरी मे एक-दो दिन ठंड से लोग बेहाल रहे थे। कृषि वैज्ञानिक डा प्रमोद के अनुसार इस साल 27 दिसंबर से तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। अगर 19 जनवरी के बाद भी ऐसे ही मौसम बना रहा तो समय पर लगाई गई मक्का फसल पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। मक्का थ्रमोसेंसेटिब होता है। जिसके उत्पादन का आदर्श तापमान अधिकतम 33 और न्यूनतम 18 होता है। ऐसे में तापमान में लगातार गिरावट जारी रहने से अक्टूबर में लगाए गए मक्का फसल में दाना भरने परेशानी होगी और उत्पादकता घट जाएगी।

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तापमान का पूर्वानुमान

अधिकतम न्यूनतम (डिग्री सेल्सियस में)

14 जनवरी- 20 5

15 जनवरी- 21 7

16 जनवरी- 21 7

17 जनवरी- 21 7

18 जनवरी- 21 7

19 जनवरी- 25 10

Posted By: Jagran