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धीमी रफ्तार से जूझ रही पाटलिपुत्र एक्सप्रेस को स्पीड-अप करने की तैयारी, शेड्यूल बदलेगा रेलवे?

Published: Mon, 07 Sep 2026 05:54 PM (IST)

पाटलिपुत्र एक्सप्रेस की धीमी गति और अत्यधिक स्लैक टाइम पर रेलवे प्रशासन हरकत में आया है। बिहार रेल यूजर्स एसोसिएशन ...और पढ़ें

धीमी रफ्तार से जूझ रही पाटलिपुत्र एक्सप्रेस को स्पीड-अप करने की तैयारी, रेलवे ने दिया भरोसा

धीमी रफ्तार से जूझ रही पाटलिपुत्र एक्सप्रेस को स्पीड-अप करने की तैयारी, रेलवे ने दिया भरोसा

HighLights

  1. पाटलिपुत्र एक्सप्रेस की धीमी गति पर रेलवे गंभीर।

  2. बिहार रेल यूजर्स एसोसिएशन ने उठाई थी मांग।

  3. रेलवे ने 2027 टाइम टेबल में सुधार का आश्वासन दिया।

संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। पटना और हटिया (रांची) के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 18621-22 पाटलिपुत्र एक्सप्रेस की सुस्त चाल और अत्यधिक स्लैक टाइम पर रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया है। बिहार रेल यूजर्स एसोसिएशन की पहल के बाद दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची रेल मंडल ने इस ट्रेन को स्पीड अप करने और समय सारणी की समीक्षा करने का आश्वासन दिया है।

उक्त जानकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्षराज ने दी। बताया कि एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष एवं वर्तमान चीफ कार्डिनेटर गुड्डू कुमार ने रांची मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक को औपचारिक पत्र लिखकर इस गंभीर समस्या से अवगत कराया था।

पत्र में उल्लेख किया गया था कि धनबाद-हटिया रेलखंड में बेहद सीमित ठहराव होने के बावजूद ट्रेन के शेड्यूल में अत्यधिक स्लैक (अतिरिक्त समय) दिया गया है। इसके चलते इस सेक्शन में ट्रेन की औसत गति सिमटकर महज 30 किलोमीटर प्रति घंटा रह जाती है।

अत्यधिक समय लगने के कारण यात्रियों का इस ट्रेन से मोहभंग हो रहा है और आरक्षण बुकिंग में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

हालिया आंकड़ों के मुताबिक, पाटलिपुत्र एक्सप्रेस की आरक्षित आक्यूपेंसी गिरकर महज 53.9 प्रतिशत (लगभग 55-60 प्रतिशत) रह गई है, जिससे रेल राजस्व और यात्रियों के बहुमूल्य समय दोनों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

गुड्डू कुमार ने तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए बताया कि अधिक ठहराव होने के बावजूद 13029 हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस यात्रियों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय बनी हुई है और इसकी आरक्षित आक्यूपेंसी 103.6 प्रतिशत दर्ज की जा रही है।

इसका मुख्य कारण यह है कि हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस की औसत गति पाटलिपुत्र एक्सप्रेस से 6 किमी. प्रति घंटा अधिक है। इससे स्पष्ट होता है कि बेहतर गति और नियंत्रित समय सारणी ही यात्रियों को आकर्षित करती है।

एसोसिएशन की मांग पर संज्ञान लेते हुए रांची मंडल के परिचालन विभाग ने आधिकारिक जवाब जारी किया है।

विभाग ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में हटिया से कोटशिला के बीच समय सारणी में बड़ा बदलाव संभव नहीं था, लेकिन आगामी टाइम टेबल वर्ष 2027 को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे मुख्यालय के जरिए पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय से समन्वय स्थापित किया जाएगा।

इसके तहत हटिया-धनबाद रेलखंड में पाटलिपुत्र एक्सप्रेस के शेड्यूल की व्यापक समीक्षा कर इसे गति प्रदान करने और समय में कटौती करने पर ठोस कदम उठाया जाएगा। रेलवे के इस आश्वासन से दोनों राज्यों के दैनिक व लंबी दूरी के यात्रियों में उम्मीद जगी है।