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जमुई के मोरियाडीह में आजादी के बाद पहली पक्की सड़क, ग्रामीणों में खुशी की लहर

Published: Tue, 27 Oct 2026 04:04 PM (IST)

जमुई के मोरियाडीह गांव में आजादी के बाद पहली बार पक्की सड़क का निर्माण शुरू हुआ है, जिससे 2000 से अधिक ग्रामीणों को राहत मिली है।

जमुई के मोरियाडीह में आजादी के बाद पहली पक्की सड़क, ग्रामीणों में खुशी की लहर

जमुई के मोरियाडीह में आजादी के बाद पहली पक्की सड़क, ग्रामीणों में खुशी की लहर

HighLights

  1. मोरियाडीह में आजादी के बाद पहली पक्की सड़क बन रही।

  2. पंचायत समिति प्रतिनिधि रोहित यादव ने जमीन विवाद सुलझाया।

  3. सड़क से 2000 से अधिक ग्रामीणों को सीधी राहत।

संवाद सूत्र, चंद्रमंडी (जमुई)। चकाई प्रखंड के सुदूर गजही पंचायत अंतर्गत मोरियाडीह गांव में आजादी के बाद पहली बार पक्की सड़क का निर्माण हुआ है। इससे गांव की लगभग 2000 से अधिक आबादी को सीधी राहत मिली है। वर्षों से सड़क विहीन इस गांव में अब विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।

ग्रामीण नंदू दास, पिंटू दास, मनोज यादव, पीतांबर यादव, राजेंद्र दास आदि ने बताया कि जमीन विवाद के कारण आज तक गांव में सड़क नहीं बन पाई थी। सांसद से लेकर विधायक और पंचायत प्रतिनिधियों तक गुहार लगाते-लगाते ग्रामीण थक चुके थे, लेकिन सरकारी सिस्टम ने कभी सुध नहीं ली।

जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के बीच पंचायत समिति प्रतिनिधि रोहित यादव ने पहल की। उन्होंने पहले जमीन विवाद को सुलझाया।

बताया जाता है कि रोहित यादव ने अपनी निजी मद से एक लाख रूपये से अधिक की राशि देकर जमीन मालिक को सड़क के लिए जमीन देने पर राजी किया। जमीन का विधिवत राज्यपाल के नाम से दान कराया गया। जब जमीन का पेंच सुलझा, तब सड़क निर्माण का रास्ता साफ हुआ।

ग्रामीणों का कहना है कि जो काम बड़े जनप्रतिनिधि नहीं कर सके, वह काम एक पंचायत समिति प्रतिनिधि ने कर दिखाया।

जमीन मिलने के बाद रोहित यादव ने मां शोभा देवी की अनुशंसा पर विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी योजना के तहत लगभग 20 लाख रूपये की लागत से 1200 फीट लंबी पीसीसी सड़क का निर्माण शुरू कराया, जो अब तेज गति से जारी है।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क बनने से बरसात में कीचड़ से होने वाली परेशानी खत्म हो जाएगी। बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल ले जाने में अब सहूलियत होगी। इस कार्य ने कहीं न कहीं बड़े जनप्रतिनिधि और सरकारी सिस्टम को आईना दिखाने का काम किया है। इच्छाशक्ति हो तो सबसे कठिन काम भी संभव है।

वार्ड सदस्य नंदू दास ने बताया कि हम लोग सांसद विधायक से सड़क निर्माण की मांग करते-करते थक गए थे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।