यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Train Accident: कैसे हुआ जामताड़ा ट्रेन हादसा, यात्रियों ने बताई आंखों देखी
Jharkhand Train Accident झारखंड के जामताड़ा स्थित दर्दनाक रेल हादसा हो गया। कलझारिया स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में ...और पढ़ें

HighLights
- सिकंदर मां-बाप का इकलौता बेटा था- यात्री
- 4 दिन पहले मैट्रिक की परीक्षा दी थी- यात्री
संवाद सूत्र, झाझा (जमुई)। मैट्रिक की परीक्षा देकर बेंगलुरु घूमने जा रहे झाझा के धपरी (छापा) निवासी 15 वर्षीय सिकंदर कुमार की ट्रेन से कटकर मौत की सूचना पर पूरा गांव गमगीन हो गया। बेंगलुरु में सिकंदर के बहनोई मजदूरी करते हैं। उन्होंने सिकंदर को वहां घूमने बुलाया था।
बुधवार को झाझा-हावड़ा रेलखंड पर अंग एक्सप्रेस में कलझारिया गांव के पास आग लगने की अफवाह फैली। सिकंदर बोगी से कूदकर अप लाइन में खड़ा हो गया था। इसी दौरान मेमू ट्रेन के गुजरने से सिकंदर की मौत हो गई। सिकंदर के साथ सोनो थाना क्षेत्र के कुआवांग गांव के लीलो यादव एवं रंजीत कुमार थे। ये दोनों सुरक्षित हैं।
यात्रियों ने बताया- कैसे हुआ हादसा
गांव के अधिकलाल यादव का सिकंदर इकलौता बेटा था। चार दिन पहले उसने मैट्रिक की परीक्षा दी थी। उसके पिता मानसिक रूप से कमजोर हैं। सिकंदर ही घर का होशियार बेटा था। उसकी चार बहनों की शादी हो चुकी है। सिकंदर का परिवार काफी गरीब है।
सिकंदर को साथ लेकर जा रहे लीलो यादव एवं रंजीत ने बताया कि अंग एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी में वे लोग बैठे हुए थे। टिकट वेटिंग में था। जमीन पर बैठकर निकले थे। सिकंदर के बहनोई ने सिकंदर को लेकर आने के लिए कहा था। उसके साथ दोनों मजदूरी के लिए बेंगलुरु जा रहे थे। ट्रेन से धुआं निकलने के बाद तीनों व्यक्ति ट्रेन से नीचे उतरे थे। फिर ठीक होने के बाद तीनों ट्रेन में सवार हुए।
कुछ दूर चलते ही ट्रेन के पहिये से काफी धुआं निकलने लगा। इसे देखते ही लोग ट्रेन से कूदने लगे। इसी दौरान सिकंदर ट्रेन से नीचे कूद गया और पीछे से आ रही ट्रेन की चपेट में आ गया। गांव के लोग सिकंदर के शव को लाने आसनसोल निकल चुके थे।
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