विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जमुई में पंचायतों की संख्या बढ़कर हो सकती है 30, परिसीमन के बदलेगा नक्शा 

Published: Tue, 08 Sep 2026 04:11 PM (GMT+05:30)

झाझा प्रखंड में 2021 की जनगणना के आधार पर पंचायतों के परिसीमन की कवायद तेज हो गई है, जिससे पंचायतों की संख्या 20 से बढ़कर 30 होने की संभावना है।

एआई जनरेटेड फोटो

एआई जनरेटेड फोटो

HighLights

  1. झाझा में 2021 जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया शुरू।

  2. प्रखंड में पंचायतों की संख्या 20 से बढ़कर 30 हो सकती है।

  3. परिसीमन से पंचायतों का भौगोलिक स्वरूप और चुनावी समीकरण बदलेंगे।

सत्यम कुमार सिंह, झाझा (जमुई)। पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से पहले जनगणना 2021 के आधार पर पंचायतों के परिसीमन को लेकर प्रखंड स्तर पर कवायद तेज हो गई है।

10 सितंबर तक पंचायतों का मैप तैयार कर जियो-टैगिंग के साथ पंचायत परिसीमन-2026 के पोर्टल पर अपलोड करना है, लेकिन इस परिसीमन की संभावित प्रक्रिया को लेकर पंचायत जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है।

हालांकि, सरकार की ओर से नियमों में लगातार किए जा रहे बदलाव से वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बताया जाता है कि वर्ष 2021 के परिसीमन के तहत जारी गाइडलाइन के अनुसार एक पंचायत की आबादी करीब सात से साढ़े सात हजार निर्धारित की गई थी।

यदि इसी मानक के आधार पर पंचायतों का परिसीमन किया जाता है तो झाझा प्रखंड की अधिकांश पंचायतों के राजस्व गांवों में बदलाव की संभावना है। कई पंचायतों से राजस्व गांवों के अलग होने और कुछ पंचायतों में नए गांवों के जुड़ने की स्थिति बन सकती है।

प्रखंड की दो-तीन पंचायतों को छोड़ दें तो अधिकांश पंचायतें निर्धारित आबादी के मानक के अनुरूप नहीं हैं। ऐसे में परिसीमन लागू होने पर कई पंचायतों का भौगोलिक स्वरूप बदल सकता है।

इसका सीधा असर पंचायत के वर्तमान जनप्रतिनिधियों के क्षेत्र और संभावित चुनावी समीकरण पर भी पड़ सकता है। परिसीमन की चर्चा के साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।

प्रतिनिधि यह समझने में जुटे हैं कि आखिर अंतिम रूप से सरकार किस नियम और आबादी के मानक के आधार पर पंचायतों का गठन करेगी। वहीं, ग्रामीण भी अपने गांव के पंचायत में रहने या दूसरी पंचायत में शामिल होने को लेकर संशय में हैं।

नियम स्पष्ट होने का इंतजार

पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से परिसीमन को लेकर अंतिम दिशा-निर्देश स्पष्ट नहीं किया जाता, तब तक स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो सकती।

वर्तमान में प्रखंड स्तर पर संभावित परिसीमन को लेकर तैयारी और चर्चा का दौर चल रहा है। अंतिम निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन पंचायतों का स्वरूप बदलेगा और किन राजस्व गांवों को दूसरी पंचायत में शामिल किया जाएगा।

तीन पंचायतों की आबादी दस हजार से कम

प्रखंड की 20 पंचायतों की आबादी पर गौर करें तो तीन पंचायतों को छोड़कर 17 पंचायतों की आबादी वर्ष 2021 के आंकड़ों के अनुसार दस हजार से अधिक है।

बाराकोला पंचायत में 15 राजस्व गांव होने के बावजूद आबादी 3356 है। वहीं, केशोपुर में छह राजस्व गांवों की आबादी 8998 और कानन पंचायत में आठ राजस्व गांवों की आबादी 8648 है।

20 पंचायतों से बढ़कर 30 पंचायतें होंगी

यदि वर्ष 2021 की जनगणना के तहत परिसीमन का कार्य हुआ तो प्रखंड में पंचायतों की संख्या 20 से बढ़कर 30 हो जाएगी। हर पंचायत के राजस्व गांव दूसरे पंचायत से जुड़ेंगे तो कई राजस्व गांव पंचायत में तब्दील हो सकते हैं।

इस कारण वर्तमान जनप्रतिनिधियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पंचायत का कौन-सा राजस्व गांव कटेगा और उसकी भरपाई कैसे होगी, इसे लेकर भी चर्चा हो रही है।

वहीं, पंचायत चुनाव लड़ने वाले कई लोगों के चेहरे पर खुशी भी देखी जा रही है। परिसीमन के बाद चुनाव होने से कई पंचायतों का चेहरा बदल सकता है।

मैप तैयार करने एवं जियो-टैगिंग का चल रहा कार्य

परिसीमन के लिए मैप तैयार कर उसे आनलाइन अपलोड करना है। इसके बाद आगे के कार्य को गति मिलेगी। इस कार्य में पंचायत सचिव, आवास सहायक एवं रोजगार सेवक को लगाया गया है। इन लोगों को मैप तैयार करने, चौहद्दी सहित कई कार्य करने हैं। यह कार्य शुरू हो गया है।

2021 की जनगणना के अनुसार पंचायतवार आबादी

पंचायत राजस्व गांवों की संख्या जनसंख्या
धमना 2 11,975
छापा 8 11,817
केशोपुर 6 8,998
कानन 8 8,648
जामुखरेया 8 11,119
हथिया 5 14,252
खुरंडा 14 10,536
टेलवा 12 10,939
बैजला 7 12,142
बाराजोर 4 13,656
महापुर 7 13,575
चाय 5 12,250
करहरा 13 11,412
कनोदी 10 12,156
राजलकला 7 11,700
बलियाडीह 5 11,957
बाराकोला 15 3,356
करमा 16 12,912
बोड़वा 9 11,369
पैरगाह 16 12,089

परिसीमन में अभी सिर्फ मैप तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। सरकार के निर्देश पर अगला कदम उठाया जाएगा।
- सुनील कुमार चांद, बीडीओ, झाझा