जमुई में बंध्याकरण के बाद 6 बच्चों की मां की मौत: परिजनों ने कहा- आशा ने दिया धोखा, डॉक्टर बोले- डर से आया हार्ट अटैक
जमुई के अलीगंज पीएचसी में बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद एक महिला की तबीयत बिगड़ी और सदर अस्पताल ले जाते समय ...और पढ़ें

जमुई: बंध्याकरण के बाद 6 बच्चों की मां की मौत से कोहराम, आशा कार्यकर्ता पर प्रलोभन देने का आरोप; अस्पताल में हंगामा
HighLights
अलीगंज पीएचसी में बंध्याकरण के बाद महिला की मौत।
परिजनों ने आशा कार्यकर्ता पर बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप।
इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों का हंगामा।
संवाद सहयोगी, जमुई। जिले के अलीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद एक महिला की तबीयत बिगड़ने और बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही मौत हो जाने का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान अलीगंज प्रखंड के कैथा गांव निवासी सुरेंद्र मांझी की 32 वर्षीय पत्नी किरण देवी के रूप में हुई है, जो छह बच्चों की मां थी।
घटना के बाद मंगलवार और बुधवार की मध्य रात्रि सदर अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया और स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर बुधवार की दोपहर शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
आशा कार्यकर्ता पर बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप
मृतका के आक्रोशित परिजनों ने गांव की ही आशा कार्यकर्ता आरती देवी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि आशा कार्यकर्ता किरण देवी को बहला-फुसलाकर और सरकारी योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का प्रलोभन देकर बंध्याकरण कराने के लिए अलीगंज पीएचसी ले गई थी।
मंगलवार की शाम करीब चार बजे उसका ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद काफी समय बीत जाने पर भी जब उसे होश नहीं आया और हालत बिगड़ने लगी, तो स्वास्थ्यकर्मियों ने आनन-फानन में उसे जमुई सदर अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन जब तक अस्पताल पहुंचे, तब तक किरण ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस व स्वास्थ्य प्रशासन जांच में जुट गया है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
"महिला के पहले से छह बच्चे थे, जिसके कारण वह स्वयं बंध्याकरण कराने आई थी। ऑपरेशन के दौरान या बाद में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई है। ऑपरेशन के बाद सब सामान्य था, लेकिन अत्यधिक डर और घबराहट के कारण महिला को अचानक दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ गया। नाजुक स्थिति को देखते हुए तुरंत सदर अस्पताल रेफर किया गया था, जहां ले जाने के क्रम में उसकी मृत्यु हो गई। लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।"
