जमुई के उलाई नदी में पानी के उफान से डगमगाया पीपा पुल; बारिश में यातायात ठप, एक साल से धीरे-धीरे बन रहा पक्का ब्रिज
Jamui Jhajha Ulai River : जमुई के झाझा प्रखंड में उलाई नदी पर बना बरमसिया पीपा पुल बारिश में जलस्तर ...और पढ़ें
HighLights
उलाई नदी पर बना बरमसिया पीपा पुल अस्थिर हुआ।
बारिश में जलस्तर बढ़ने से आवागमन में भारी परेशानी।
नए पक्के पुल का निर्माण कार्य एक साल से धीमा।
संवाद सूत्र, बोड़वा (जमुई)। Jamui Jhajha Ulai River : बिहार के विभिन्न जिलों में पुल-पुलियों की बदहाली और ध्वस्त होने की घटनाओं के बीच जमुई जिले के झाझा प्रखंड से भी गंभीर समस्या सामने आई है। यहां उलाई नदी पर बना बरमसिया पीपा पुल इन दिनों ग्रामीणों के लिए भारी परेशानी और खतरे का सबब बना हुआ है।
करीब एक वर्ष पहले मुख्य पक्के पुल के अचानक ध्वस्त हो जाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर ग्रामीणों की आवाजाही बनाए रखने के लिए यह वैकल्पिक पीपा पुल तैयार किया गया था। लेकिन मौजूदा बारिश के मौसम में उलाई नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि ने इस अस्थायी पुल की स्थिति को भी बेहद दयनीय और जानलेवा बना दिया है।
बरमसिया पुल से झाझा प्रखंड के दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क जुड़ा हुआ है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, बीमार मरीज, किसान और दैनिक मजदूर इसी संकरे और जर्जर पीपा पुल से होकर गुजरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जरा सी तेज बारिश होते ही उलाई नदी का बहाव तेज हो जाता है, जिससे पीपा पुल हिलने-डुलने लगता है और कई बार सुरक्षा के मद्देनजर आवागमन पूरी तरह ठप करना पड़ता है।
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शिलान्यास के एक साल बाद भी कछुआ चाल से चल रहा काम
ग्रामीणों ने बताया कि पुराने पुल के गिरने के बाद इलाके की भीषण समस्या को देखते हुए स्थानीय विधायक सह मंत्री दामोदर रावत ने नए पक्के पुल का विधिवत शिलान्यास किया था। उस समय उम्मीद जगी थी कि जल्द ही क्षेत्रवासियों को इस संकट से स्थायी निजात मिल जाएगी।
हालांकि, शिलान्यास के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण एजेंसी की कार्यशैली बेहद सुस्त बनी हुई है। कार्य की कछुआ चाल के कारण अब तक पिलर और बुनियादी ढांचा भी गति नहीं पकड़ सका है, जिसका खामियाजा पूरे इलाके की जनता को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ रहा है।
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जब तक नया पुल न बने, तब तक पीपा पुल की हो मुकम्मल मरम्मत
छात्रों और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में हर समय किसी अनहोनी का डर सताता रहता है। नदी के तेज बहाव में पीपा पुल के जोड़ कई जगह से ढीले हो रहे हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है।
बरमसिया पीपा पुल व कनेक्टिविटी: एक नजर में
स्थान: उलाई नदी, बरमसिया, झाझा प्रखंड (जमुई)।
प्रभावित आबादी: दर्जनों गांवों के ग्रामीण, किसान, मजदूर और छात्र-छात्राएं।
वर्तमान ढांचा: अस्थायी पीपा पुल (पहला स्थायी पुल करीब 1 साल पहले ध्वस्त हुआ था)।
मौजूदा संकट: बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने से पीपा पुल का डगमगाना और आवागमन बाधित होना।
प्रस्तावित समाधान: नए पक्के पुल का शिलान्यास (माननीय दामोदर रावत द्वारा), लेकिन निर्माण कार्य की गति सुस्त।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग से मांग की है कि निर्माण एजेंसी पर दबाव बनाकर नए स्थायी पुल का काम युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए। साथ ही, जब तक पक्का पुल बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक उलाई नदी के इस पीपा पुल की नियमित देखरेख, मजबूत बैरिकेडिंग और मरम्मत की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि कोई बड़ा हादसा न हो सके।
