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11 बजे तक डिजिटल हाजिरी का अल्टीमेटम: जमुई में ऐप और रजिस्टर के जंजाल में उलझे शिक्षक, पढ़ाई चौपट

Published: Thu, 03 Sep 2026 02:59 PM (IST)

शिक्षा विभाग के नए डिजिटल हाजिरी नियम से जमुई के शिक्षक परेशान हैं। सुबह 11 बजे तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ...और पढ़ें

जमुई में ऐप और रजिस्टर के जंजाल में उलझे शिक्षक, पढ़ाई चौपट (AI Generated Image)

जमुई में ऐप और रजिस्टर के जंजाल में उलझे शिक्षक, पढ़ाई चौपट (AI Generated Image)

HighLights

  1. शिक्षकों को 11 बजे तक ई-शिक्षाकोष पर डिजिटल हाजिरी दर्ज करनी।

  2. डिजिटल हाजिरी के कारण पहली घंटी में पढ़ाई हो रही बाधित।

  3. शिक्षक मांग रहे डिजिटल हाजिरी का समय दोपहर 1 बजे तक।

आशुतोष सिंह, जमुई। शिक्षा विभाग ने एक बार फिर शिक्षकों पर डिजिटल हाजिरी का दबाव बढ़ा दिया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन योजना) नितेश कुमार द्वारा 31 अगस्त को जारी आदेश में कहा गया है कि प्रत्येक कार्यदिवस को बच्चों की उपस्थिति 11:00 बजे पूर्वाह्न तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अचूक रूप से दर्ज करना अनिवार्य है। इसका अनुपालन नहीं होने पर संबंधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

बताया गया है कि 31 अगस्त को निदेशक द्वारा वीसी के माध्यम से यह निर्देश दिया गया था, जिसके बाद शिक्षकों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस आदेश के बाद वे पढ़ाएंगे कब, सिर्फ हाजिरी ही बनाते रहेंगे।

ई-शिक्षाकोष पर 11 बजे तक हाजिरी का फरमान

जिला मध्याह्न भोजन कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार, सभी प्रखंड साधन सेवी, रसोइया, विद्यालय शिक्षा समिति से संबद्ध प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक, प्रभारी प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया गया है कि छात्र-छात्राओं की उपस्थिति तथा मध्याह्न भोजन से लाभान्वित बच्चों की संख्या ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर सुबह 11 बजे से पहले अनिवार्य रूप से दर्ज करें। विभाग का तर्क है कि इससे डीबीटी और एमडीएम की पारदर्शिता बनी रहेगी।

चार स्थानों पर प्रतिदिन दर्ज होती है उपस्थिति

शिक्षकों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें एक-एक नामांकित बच्चों की उपस्थिति चार अलग-अलग जगह दर्ज करनी पड़ती है। पहला - क्लास रजिस्टर में, दूसरा ई-शिक्षाकोष पोर्टल, एफआरएस ऐप पर और चौथा मध्याह्न भोजन योजना के रजिस्टर में। इसमें काफी समय बर्बाद होता है और कागजी काम बढ़ गया है।

दो ऐप के माध्यमों से दर्ज होती है ऑनलाइन उपस्थिति

शिक्षकों की परेशानी सिर्फ रजिस्टर तक ही सीमित नहीं नहीं है। उन्हें अपनी उपस्थिति और नामांकित बच्चों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए अलग-अलग ऐप का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

एक तरफ ई-शिक्षाकोष, एफआरएस पर बच्चों और अपनी की हाजिरी दर्ज करनी पड़ती है तो दूसरी तरफ ऑफलाइन भी हाजिरी बनाई जाती है।

कई बार नेटवर्क की समस्या रहती है तो कभी सर्वर काम नहीं करता है। हद तो तब हो जाती है ऐप काम नहीं करता और शिक्षकों को क्लास छोड़कर नेटवर्क खोजना पड़ता है।

पहले घंटी में उपस्थिति दर्ज करने में बीत जाता है समय

11 बजे तक उपस्थिति दर्ज करने की बाध्यता के कारण पहली घंटी सिर्फ हाजिरी बनाने में ही निकल जाती है। शिक्षक क्लास में पढ़ाने की बजाय मोबाइल पर बच्चों के नाम टिक करने, फोटो खींचने में व्यस्त रहते हैं। इससे पहली घंटी (40 मिनट) की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो रही है।

जहां 300 से अधिक विद्यार्थी हैं, वहां हो रही है परेशानी

जमुई जिले में सैकड़ों विद्यालय ऐसे हैं जहां 300 से 600 तक छात्र नामांकित हैं। ऐसे विद्यालयों में एक-एक बच्चे का नाम पोर्टल पर खोजकर उपस्थिति दर्ज करने और मोबाइल व टैबलेट से फोटो लेने में एक घंटा से अधिक लग जाता है। ऊपर से सर्वर डाउन की समस्या आम है।

शिक्षकों ने विभाग से इस व्यवस्था को सरल करने और समय सीमा बढ़ाकर दोपहर एक बजे तक करने की मांग की है।

शिक्षकों के सामने मुख्य समस्याएं

  • समय की बर्बादी : सुबह 11 बजे तक ई-शिक्षाकोष पर हाजिरी दर्ज करने के चक्कर में पहली घंटी सिर्फ उपस्थिति दर्ज करने के लिए मोबाइल पर ही बीत जाता है, पढ़ाई नहीं हो पाती है।
  • चौगुणा हाजिरी का बोझ : एक ही छात्र की उपस्थिति चार जगह दर्ज करनी पड़ती है। शिक्षकों को प्रतिदिन छात्र उपस्थिति पंजी, ई-शिक्षाकोष पोर्टल, एफआरएस ऐप और एमडीएम रजिस्टर पर हाजरी दर्ज करनी पड़ती है।
  • दो-दो ऐप का झंझट : खुद की हाजिरी के लिए अलग ऐप और बच्चों की हाजिरी के लिए अलग पोर्टल। दोनों में लाग-इन और डेटा भरना पड़ता है।
  • नेटवर्क और सर्वर की समस्या : जमुई के ग्रामीण स्कूलों में नेटवर्क कमजोर है। सर्वर डाउन होने से बार-बार लॉग-आउट हो जाता है और शिक्षक को क्लास छोड़कर नेटवर्क खोजना पड़ता है।
  • बड़े स्कूलों में ज्यादा परेशानी : जहां 300 से 600 बच्चे हैं, वहां एक-एक कर हाजिरी लगाने में एक से डेढ़ घंटा लग जाता है, क्योंकि सभी छात्रों की उपस्थिति एक एक करके बनानी पड़ती है।
  • कार्रवाई का डर : सुबह 11 बजे तक हाजिरी नहीं भरने पर प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की चेतावनी, जिससे शिक्षक तनाव में हैं।