पहाड़ों की सुरंग में छिपाए थे माओवादियों के हथियार! SSB ने 5 घंटे चलाया ऑपरेशन, जमुई में राइफल-कट्टे जब्त
Jamui Naxal Weapon Recovered: सुरक्षा बलों ने जमुई के सिमुलतला थाना क्षेत्र में माओवादियों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए ...और पढ़ें
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Jamui Naxal Weapon Recovered: सिमुलतला के जंगलों में पत्थरों की सुरंग से राइफल और दो कट्टे बरामद, SSB और पुलिस का 5 घंटे सर्च ऑपरेशन
HighLights
जमुई में एसएसबी और पुलिस का सघन सर्च ऑपरेशन।
माओवादियों ने पत्थरों की सुरंग में छिपाए थे हथियार।
एक देसी राइफल, दो देसी कट्टे बरामद हुए।
संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। Jamui Naxal Weapon Recovered: जिले के नक्सल प्रभावित सिमुलतला थाना क्षेत्र अंतर्गत बीहड़ जंगलों और पथरीली पहाड़ियों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के मंसूबों पर करारा प्रहार किया है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 16वीं वाहिनी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को हल्दिया झरना के पास बेहद दुर्गम इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाकर पत्थरों की प्राकृतिक सुरंग में छिपाकर रखे गए हथियारों का जखीरा बरामद किया।
सुरक्षा बलों ने मौके से एक देसी राइफल और दो देसी कट्टे बरामद करने में सफलता हासिल की है। आशंका जताई जा रही है कि माओवादियों ने किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से हथियारों को इस गुप्त ठिकाने पर डंप कर रखा था।
सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 16वीं वाहिनी और सिमुलतला पुलिस ने हल्दिया झरना क्षेत्र में चलाया करीब पौने पांच घंटे का सघन सर्च ऑपरेशन
पत्थरों के बीच बनी एक प्राकृतिक संकरी सुरंगनुमा जगह से एक देसी राइफल और दो देसी कट्टे बरामद; सिमुलतला थाने को सौंपे गए हथियार
10 सितंबर को मिले खुफिया इनपुट के आधार पर कार्यवाहक कमांडेंट बांके बिहारी के नेतृत्व में 34 जवानों और दो खोजी श्वानों ने संभाला था मोर्चा
सुरक्षा बलों की सक्रियता से माओवादियों की साजिश विफल; बीहड़ जंगलों व पहाड़ी क्षेत्रों में कॉम्बिंग ऑपरेशन लगातार जारी
खुफिया तंत्र से मिली ठोस जानकारी के मुताबिक, 10 सितंबर को 16वीं वाहिनी के आसूचना विंग को इनपुट मिला था कि सिमुलतला कार्यक्षेत्र के बथनावरण, कांसासकरी, घोटारी एवं नोनतारा के घने जंगलों में माओवादियों ने हथियार व विस्फोटक सामग्री छिपा रखी है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक कमांडेंट बांके बिहारी ने अविलंब रणनीति बनाई और क्षेत्र प्रभुत्व सह डी-माइनिंग (Area Domination and De-mining) विशेष टीम का गठन किया।

जूली और फेंटा के साथ पौने पांच घंटे तक बीहड़ में चला ऑपरेशन
शुक्रवार की तड़के 5:00 बजे कार्यवाहक कमांडेंट के नेतृत्व में 34 जवानों, सिमुलतला थाने के सब-इंस्पेक्टर (एसआइ) राजकुमार रविदास और दो प्रशिक्षित खोजी श्वानों (स्निफर डॉग्स) 'जूली' एवं 'फेंटा' की संयुक्त टुकड़ी सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना हुई। टीम सुबह लगभग 6:20 बजे बथनावरण गांव से दो किलोमीटर दूर हल्दिया झरना क्षेत्र पहुंची। इसके बाद दुर्गम व पथरीली पहाड़ियों, घने जंगलों और नालों के बीच करीब पौने पांच घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान खोजी श्वानों की मदद से जमीन और पत्थरों के चप्पे-चप्पे को खंगाला गया।
पूर्वाह्न करीब 11:00 बजे झरने से लगभग 200 मीटर पश्चिम दिशा में पत्थरों के बीच एक प्राकृतिक और बेहद संकरी सुरंगनुमा गुहा पर जवानों की नजर पड़ी। जवानों ने जब वहां उतरकर गहन पड़ताल की, तो पत्थरों के भीतर छिपाकर रखी गई एक देसी राइफल और दो देसी कट्टे बरामद हुए।
माओवादियों के नेटवर्क को झटका, कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी
बरामद हथियारों को विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सिमुलतला थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। 16वीं वाहिनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों की इस मुस्तैदी से माओवादी नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है और उनकी संभावित साजिश विफल हो गई है। अधिकारियों ने दो-टूक कहा कि इलाके में अमन-चैन बनाए रखने और नक्सलियों के किसी भी नापाक मंसूबे को नेस्तनाबूद करने के लिए जंगलों में एरिया डोमिनेशन, कॉम्बिंग ऑपरेशन और इंटेलिजेंस आधारित छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेगा।
