ट्रेनों पर पत्थर फेंका तो खैर नहीं! आरपीएफ ने गांवों में दी चेतावनी; ट्रैक पार करने को लेकर भी किया सतर्क
RPF Awareness Campaign: आरपीएफ सिमुलतला ने झाझा-आसनसोल रेलखंड पर ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने के लिए गांवों में जन-जागरूकता अभियान चलाया। ...और पढ़ें

RPF Awareness Campaign: ट्रेनों पर पथराव और ट्रैक पार करने की आदत पर आरपीएफ सख्त, सिमुलतला में ग्रामीणों को दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
HighLights
आरपीएफ ने ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने हेतु अभियान चलाया।
ग्रामीणों को रेलवे सुरक्षा नियमों और कानूनी परिणामों की जानकारी दी।
मानव तस्करी, नशाखुरानी, ट्रैक पार करने के खतरों से अवगत कराया।
संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। RPF Awareness Campaign: झाझा-आसनसोल रेलखंड पर शरारती व असामाजिक तत्वों द्वारा चलती ट्रेनों पर की जाने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं पर पूर्ण विराम लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मैदानी मोर्चा संभाल लिया है। गुरुवार को आरपीएफ सिमुलतला के उप-निरीक्षक (एसआई) रवि कुमार के नेतृत्व में जवानों की टीम ने रेल लाइन से सटे विभिन्न गांवों, टोलों और बस्तियों में विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान ग्रामीणों और विशेष रूप से किशोरों व अभिभावकों से सीधा संवाद कर उन्हें रेलवे सुरक्षा नियमों और कानूनी परिणामों की जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान अवर निरीक्षक रवि कुमार ने ग्रामीणों को स्पष्ट रूप से समझाते हुए कहा कि चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकना केवल गंभीर कानूनी अपराध ही नहीं है, बल्कि यह यात्रा कर रहे निर्दोष यात्रियों और बच्चों के जीवन के लिए भी प्राणघातक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे राष्ट्रीय संपत्ति है और इसकी सुरक्षा करना देश के प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
ट्रेनों पर असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव की घटनाओं को रोकने के लिए आरपीएफ सिमुलतला ने चलाया सघन अभियान
सब-इंस्पेक्टर रवि कुमार के नेतृत्व में रेल लाइन से सटी बस्तियों में ग्रामीणों व अभिभावकों को किया गया जागरूक
मानव तस्करी, नशाखुरानी गिरोह और अनधिकृत रूप से रेलवे ट्रैक पार करने के खतरों से भी कराया गया अवगत
पटरियों पर कचरा फेंकने और बिना वैध टिकट स्टेशन परिसर या शौचालयों का उपयोग करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
उन्होंने उपस्थित अभिभावकों से विशेष अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और संगत पर कड़ी नजर रखें। बच्चे खेल-खेल में या बहकावे में आकर रेलवे ट्रैक की ओर न जाएं और ऐसी गैर-कानूनी हरकतों से पूरी तरह दूर रहें। उन्होंने दो-टूक चेताया कि यदि कोई भी व्यक्ति पत्थरबाजी करते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ रेल अधिनियम की गैर-जमानती धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मानव तस्करी और नशाखुरानी के प्रति किया सतर्क
पत्थरबाजी के अलावा आरपीएफ टीम ने ग्रामीणों को ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों के माध्यम से सक्रिय रहने वाले मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) सिंडिकेट और नशाखुरानी गिरोहों के तौर-तरीकों के प्रति भी सावधान किया। जवानों ने ग्रामीणों से कहा कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में आकर खाने-पीने की वस्तुएं न लें और न ही बच्चों को किसी अपरिचित के साथ अकेले यात्रा करने दें।
साथ ही अनधिकृत रूप से रेलवे ट्रैक पार करने (ट्रैक ट्रै Trespassing) की आदत को जानलेवा बताते हुए आरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि चंद मिनट बचाने की जल्दबाजी गंभीर हादसे का सबब बन जाती है। इसलिए पटरियों को लांघने के बजाय हमेशा अधिकृत फुट ओवरब्रिज (एफओबी) या लेवल क्रॉसिंग का ही उपयोग किया जाना चाहिए।
ट्रैक पर कचरा फेंकने और अनाधिकृत प्रवेश पर रोक
आरपीएफ अधिकारियों ने सख्त हिदायत दी कि रेलवे बाउंड्री के भीतर या पटरियों के इर्द-गिर्द किसी भी सूरत में घरेलू कचरा, पत्थर या मलबा न फेंका जाए। यह न केवल स्वच्छता के विरुद्ध है, बल्कि ट्रेनों के सुगम परिचालन में भी बाधा उत्पन्न करता है।
इसके अतिरिक्त यह भी स्पष्ट किया गया कि स्टेशन परिसर में निर्मित शौचालयों व अन्य यात्री सुविधाओं का उपयोग केवल वही लोग कर सकते हैं, जिनके पास यात्रा या प्लेटफॉर्म का वैध टिकट उपलब्ध हो। बिना टिकट या अनाधिकृत रूप से स्टेशन परिसर व सर्कुलेटिंग एरिया में विचरण करने वालों के विरुद्ध रेलवे एक्ट के तहत चालान और विधिक कार्रवाई की जाएगी।
