जमुई में सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में बड़ा खेल, 85 डिसमिल जमीन को बनाया 1 एकड़
सोनो (जमुई) में सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में हेराफेरी का मामला सामने आया है, जहाँ 85 डिसमिल गैरमजरुआ जमीन को ऑनलाइन रिकॉर्ड में एक एकड़ कर दिया गया।

जमुई में सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में बड़ा खेल, 85 डिसमिल जमीन को बनाया 1 एकड़ (AI Generated Image)
HighLights
सोनो में 85 डिसमिल सरकारी जमीन का रिकॉर्ड बदला।
ऑनलाइन रिकॉर्ड में जमीन का रकबा बढ़ाकर एक एकड़ किया।
शिकायतकर्ता ने 25 लाख रुपये के लेनदेन का आरोप लगाया।
संवाद सूत्र, सोनो (जमुई)। सरकारी जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लखनकियारी पंचायत के डुमरी गांव निवासी हीरा पांडेय ने सोनो के अंचलाधिकारी को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि खतियान में दर्ज 85 डिसमिल गैरमजरुआ जमीन का ऑनलाइन रिकॉर्ड में परिमार्जन कर रकबा बढ़ाकर एक एकड़ कर दिया गया।
इसके बाद जमीन की बिक्री कराकर जमाबंदी में सुधार और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया भी पूरी करा दी गई। शिकायतकर्ता ने इस पूरे खेल में 25 लाख रुपये के लेन-देन का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, लखनकियारी पंचायत के डुमरी खास मौजा में खाता सं. 180 और खेसरा सं. 20 की जमीन खतियान में 85 डिसमिल दर्ज है।
इसकी प्रकृति गैरमजरुआ बताई गई है, इसके बावजूद स्व. सूरजा सिंह के पुत्र विद्या सिंह के नाम जमाबंदी सं. 1276/690, पंजी-II में कायम किए जाने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने ऑनलाइन रिकॉर्ड में हुए बदलाव पर गंभीर सवाल खड़ा किया है।
उनका कहना है कि मूल खतियान में रकबा 85 डिसमिल है, लेकिन ऑनलाइन रिकॉर्ड में परिमार्जन के बाद यही जमीन एक एकड़ दर्ज हो गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अतिरिक्त 15 डिसमिल जमीन किस आधार और किस दस्तावेज के सहारे रिकॉर्ड में जोड़ दी गई।
आवेदन में कहा गया है कि दस्तावेज सं. 6793 के माध्यम से 02 दिसंबर 2025 को उक्त जमीन की बिक्री की गई। इसके बाद 25 लाख रुपये के लेन-देन के माध्यम से जमाबंदी में सुधार कराया गया और दाखिल-खारिज वाद सं. 2041/96-2025-26 के तहत प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
हीरा पांडेय का आरोप है कि जमीन न तो विक्रेता के कब्जे में थी और न ही क्रेता के, इसके बावजूद राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव करते हुए दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। शिकायतकर्ता ने इसे महज रिकॉर्ड की त्रुटि नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में किए गए बदलाव का मामला बताया है।
उन्होंने अंचलाधिकारी से क्रेता-विक्रेता के नाम कायम जमाबंदी को रद करने, ऑनलाइन रिकॉर्ड में किए गए परिमार्जन की जांच कराने तथा पूरे मामले में संबंधित राजस्व कर्मियों और भू-मापी से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
संबंधित राजस्व कर्मचारी ब्रजकिशोर पांडेय से स्पष्टीकरण पूछा गया है। मामले की जांच चल रही है। अगर गलत तरीके से जमाबंदी कायम किया गया है तो उसे रद किया जाएगा। - सरयू मंडल, राजस्व पदाधिकारी, सोनो
