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Jamui Culvert Collapse : खैरा में मूसलाधार बारिश से ढही पुलिया, कई गांवों का संपर्क टूटा; ललदैया कजवे भी बंद

Published: Thu, 10 Sep 2026 09:59 AM (IST)

Jamui Culvert Collapse: खैरा प्रखंड में मूसलाधार बारिश के कारण एक महत्वपूर्ण ग्रामीण पुलिया ध्वस्त हो गई है, जिससे सकदरी, ...और पढ़ें

Jamui  Culvert Collapse: मूसलाधार बारिश में ध्वस्त हुई पुलिया, कई गांवों का रास्ता बंद; खैरा में ललदैया कजवे के बाद दूसरा संपर्क भी टूटा

Jamui  Culvert Collapse: मूसलाधार बारिश में ध्वस्त हुई पुलिया, कई गांवों का रास्ता बंद; खैरा में ललदैया कजवे के बाद दूसरा संपर्क भी टूटा

HighLights

  1. मूसलाधार बारिश से खैरा में ग्रामीण पुलिया ध्वस्त हुई।

  2. सकदरी, लंगरीटांड़, ताराटांड़ सहित कई गांवों का संपर्क कटा।

  3. ग्रामीणों ने तत्काल मरम्मत और वैकल्पिक मार्ग की मांग की।

संवाद सहयोगी, खैरा। Jamui  Culvert Collapse: खैरा प्रखंड क्षेत्र में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश का प्रतिकूल प्रभाव अब ग्रामीण अवसंरचना, सड़कों और पुल-पुलियों पर साफ दिखने लगा है। सकदरी, लंगरीटांड़ और ताराटांड़ गांव को कुरवाटांड़ चौक से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़क पर बनी छोटी पुलिया बारिश के तेज बहाव के दबाव को नहीं झेल सकी और पूरी तरह ध्वस्त होकर जमींदोज हो गई। पुलिया के टूट जाने से इस मार्ग से गुजरने वाले आधा दर्जन से अधिक गांवों की बड़ी आबादी का संपर्क मुख्य बाजार और प्रखंड मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है।

  • खैरा प्रखंड में लगातार जारी भारी बारिश के कारण कुरवाटांड़ चौक को जोड़ने वाली ग्रामीण पुलिया पूरी तरह ध्वस्त

  • सकदरी, लंगरीटांड़ और ताराटांड़ समेत आसपास के कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क कटा, वाहनों का परिचालन ठप

  • ललदैया कजवे के पहले से क्षतिग्रस्त होने के चलते यही सड़क बनी थी ग्रामीणों का एकमात्र वैकल्पिक सहारा

  • ग्रामीणों को मीलों लंबा चक्कर लगाने की मजबूरी; कीचड़ और जलजमाव के बीच प्रशासन से तत्काल मरम्मत की मांग

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में आवागमन का संकट पहले से ही गहराया हुआ था। ललदैया कजवे (कॉजवे) के क्षतिग्रस्त होने के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पहले ही बंद थी। ऐसे में सकदरी, लंगरीटांड़, ताराटांड़ सहित आसपास की बस्तियों के लोग कुरवाटांड़ चौक तक पहुंचने और रोजमर्रा के जरूरी कार्यों के लिए इसी ग्रामीण सड़क को वैकल्पिक रास्ते के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। अब इस एकमात्र चालू वैकल्पिक मार्ग की पुलिया भी ढह जाने से ग्रामीणों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

जोखिम भरा हुआ सफर, लंबा चक्कर लगाने को मजबूर ग्रामीण

पुलिया का ढांचा पूरी तरह टूटकर बह जाने के कारण इस रास्ते से दोपहिया व चारपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पैदल या वैकल्पिक पगडंडियों से निकलने का प्रयास कर रहे हैं। बाहर से गांव लौटने वाले और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर लंबा और जोखिम भरा चक्कर लगाना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण कच्चे व वैकल्पिक रास्तों पर भी भारी कीचड़ और जलजमाव बना हुआ है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो चुका है।

प्रशासन से तुरंत निरीक्षण और मरम्मत की मांग

सड़क संपर्क भंग होने से नाराज ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी अविलंब मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त पुलिया का स्थलीय निरीक्षण करें और डायवर्सन बनाकर अस्थाई आवागमन बहाल कराएं। इसके साथ ही ग्रामीणों ने लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़े ललदैया कजवे की भी त्वरित मरम्मत कराने की मांग उठाई है, ताकि बरसात के मौसम में गांवों का संपर्क जिला और प्रखंड मुख्यालय से पूरी तरह न कटे।