जेल के अंदर से कॉल, फोन-पे पर रंगदारी! जमुई मंडल कारा में कैदी को पीटा; डर से परिजनों ने भेजे ₹2500
Jamui Mandal Kara Extortion Network: जमुई मंडल कारा में कैदियों द्वारा ऑनलाइन रंगदारी वसूली और प्रताड़ना का सिंडिकेट सामने आया ...और पढ़ें

Jamui Mandal Kara Extortion Network: जमुई जेल में कैदी को प्रताड़ित कर फोन-पे पर मांगी रंगदारी, ₹2500 ट्रांसफर; DM-SP से शिकायत
HighLights
जमुई जेल में कैदियों द्वारा ऑनलाइन रंगदारी का खुलासा।
विचाराधीन कैदी को पीटकर परिजनों से ₹2500 वसूले।
पीड़ित परिवार ने डीआईजी, डीएम, एसपी से लगाई गुहार।
संवाद सूत्र, बोड़वा/झाझा (जमुई)। Jamui Mandal Kara Extortion Network: बिहार का जमुई मंडल कारा एक बार फिर सलाखों के पीछे से संचालित हो रहे अवैध वसूली, मोबाइल के खुलेआम इस्तेमाल और बंदियों की प्रताड़ना के सिंडिकेट को लेकर विवादों के घेरे में आ गया है। ताजा सनसनीखेज मामला झाझा थाना क्षेत्र के एक विचाराधीन कैदी से जुड़ा है, जिसे जेल के भीतर बेरहमी से प्रताड़ित कर उसके परिजनों से ऑनलाइन रंगदारी वसूल की गई है।
खौफजदा परिजनों ने फोन-पे के जरिए रुपये तो ट्रांसफर कर दिए, लेकिन इसके बावजूद लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर उन्होंने पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी), जिलाधिकारी नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल को लिखित शिकायती पत्र देकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
झाझा थाना क्षेत्र के करहरा (टोला भौलाडीह) निवासी संतोष कुमार ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को दिए आवेदन में बताया कि उनके भाई इंद्रदेव यादव ने बीते 2 सितंबर को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद उन्हें जमुई मंडल कारा भेजा गया। आरोप है कि मंडल कारा के वार्ड नंबर 6 (कक्ष 2) में बंद मगही गांव निवासी कुख्यात अपराधी बबलू कुमार यादव द्वारा उनके भाई को लगातार मारा-पीटा और प्रताड़ित किया जा रहा है।
जमुई मंडल कारा में बंद विचाराधीन कैदी को प्रताड़ित कर परिजनों से ऑनलाइन रंगदारी वसूलने का सनसनीखेज मामला उजागर
कुख्यात अपराधी पर जेल के भीतर से मोबाइल कॉल कर धमकाने का आरोप; डर के मारे परिजनों ने फोन-पे पर भेजे ₹2,500
पीड़ित परिवार ने डीआईजी, डीएम नवीन और एसपी विश्वजीत दयाल को लिखित आवेदन देकर लगाई न्याय व सुरक्षा की गुहार
अगस्त 2025 में रंगदारी न देने पर बंदी डब्लू चौधरी की संदिग्ध मौत का मामला फिर सुर्खियों में; एसपी बोले- होगी जांच
संतोष के मुताबिक, 3 सितंबर की दोपहर जेल के भीतर से उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले कुख्यात ने इंद्रदेव से जबरन बात कराई और जिंदा रखने के एवज में तुरंत रुपयों की मांग की। बंदी भाई की जान खतरे में देख भयभीत परिजनों ने 3 सितंबर की शाम 4:46 बजे फोन-पे के माध्यम से बताए गए नंबर (खाताधारक अंटू कुमार) पर 2,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद शातिर अपराधी द्वारा लगातार एक हजार रुपये और भेजने का दबाव बनाया जा रहा है।
चरघरा के बंदी से भी वसूले गए थे ₹2,000
जमुई जेल की सलाखों के पीछे से रंगदारी मांगने का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। इससे पूर्व भी झाझा थाना क्षेत्र के चरघरा निवासी बहादुर यादव के पुत्र सुनील यादव के परिजनों से जेल में बंद अपराधियों ने फोन कर दो हजार रुपये की रंगदारी वसूली थी। उस समय भी परिजनों ने जेल में बंद अपने बेटे के साथ अनहोनी और मारपीट की आशंका से बताए गए नंबर पर ऑनलाइन दो हजार रुपये ट्रांसफर किए थे, जिसका भुगतान विकास नामक व्यक्ति के खाते में दर्ज हुआ था।
बंदी डब्लू की संदिग्ध मौत का जख्म फिर हरा
जेल में सक्रिय इस आपराधिक रैकेट ने अगस्त 2025 के उस बहुचर्चित मामले की खौफनाक यादें ताजा कर दी हैं, जब सिमुलतला के तेलवा बाजार (तुरी टोला) निवासी विचाराधीन बंदी डब्लू कुमार चौधरी (22 वर्ष) की जेल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।
मृतक डब्लू के माता-पिता ने चीख-चीखकर आरोप लगाया था कि जेल के भीतर पैसे की मांग पूरी न होने पर उनके बेटे की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मौत से चंद घंटे पहले डब्लू ने भी रोते हुए फोन पर परिजनों से पैसे मांगे थे और परिजनों ने ऑनलाइन ₹2,000 भेजे भी थे।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने जेल की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और जैमर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिजनों ने जिन नंबरों पर डिजिटल ट्रांजैक्शन हुए हैं, उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और बैंक खातों की तकनीकी जांच कर जेल के भीतर सक्रिय इस रंगदारी सिंडिकेट को ध्वस्त करने की मांग की है।
