ग्राउंड रिपोर्ट : जमुई बैड टच कांड में मुख्य आरोपी के घर ताला; भाई ने बताया एक सच, सजा पर क्या बोले लोग?
Jamui Minor Student Case Ground Report: जमुई के मड़वा पहाड़ पर 19 सितंबर को नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ हुई हैवानियत ...और पढ़ें
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Jamui Minor Student Case Ground Report: मड़वा पहाड़ से प्रतापपुर तक पसरा सन्नाटा
HighLights
मड़वा पहाड़ पर नाबालिगों संग हैवानियत से इलाके में दहशत।
मुख्य आरोपी नंदन यादव का घर प्रतापपुर में मिला बंद।
ग्रामीणों ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
संवाद सूत्र, जमुई। Jamui Minor Student Case Ground Report: जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से मदन रोड होते हुए जब दैनिक जागरण की टीम मड़वा पहाड़ की तलहटी में पहुंची, तो वहां का मंजर किसी अनहोनी के बाद की स्तब्धता जैसा था। 19 सितंबर की शाम नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ हुई हैवानियत और उसके बाद वायरल हुए वीडियो ने पूरे इलाके को भीतर तक हिलाकर रख दिया है।
मंगलवार को मड़वा पहाड़ के आसपास अलग-अलग टोलियों में लोग बैठे तो नजर आए, घटना पर दबी जुबान में चर्चा भी थी, लेकिन किसी अजनबी या मीडिया के सामने आते ही अधिकांश लोग चुप्पी साध लेते हैं।
काफी कुरेदने के बाद स्थानीय लोगों का दर्द और गुस्सा बाहर आया। नाम न छापने की शर्त पर एक बुजुर्ग ग्रामीण ने कहा, "नाबालिग बच्चों के साथ रास्ते में जो हुआ, वह घोर निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।" वहीं मौजूद एक 30 वर्षीय युवक ने दो टूक कहा कि इस तरह की घिनौनी हरकत किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
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ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि घटना चाहे जो रही हो, नाबालिगों के साथ सरेराह अमर्यादित आचरण अक्षम्य अपराध है। पुलिस प्रशासन निष्पक्ष जांच करे और सभी दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाए। बातचीत में लोगों ने यह गंभीर चिंता भी जताई कि मड़वा पहाड़ जैसे इलाकों में शाम के समय युवाओं और पर्यटकों की आवाजाही रहती है, ऐसे में पुलिस को यहां नियमित निगरानी व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।
प्रतापपुर में आरोपित नंदन के घर पर ताला, परिवार हुआ फरार
मड़वा पहाड़ से निकलकर जब जागरण प्रतिनिधि मुख्य आरोपित नंदन यादव के गांव प्रतापपुर पहुंचा, तो वहां भी सन्नाटा पसरा हुआ था। नंदन के घर के मुख्य दरवाजे पर भारी ताला जड़ा मिला। घर के सभी सदस्य ताला बंद कर अज्ञात स्थान पर चले गए हैं। पड़ोस में रहने वाले मिलन यादव ने बताया कि परिवार के लोग कहां गए हैं, इसकी किसी को भनक नहीं है।
पड़ोसी मिलन यादव ने नंदन के अतीत के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वह पहले दूसरे राज्यों में चलने वाले ट्रकों में खलासी (हेल्पर) का काम करता था। कुछ समय पूर्व वह खलासी का काम छोड़कर धान रोपाई के सीजन में अपने गांव प्रतापपुर लौटा था। ग्रामीणों के अनुसार, वह गलत संगत में पड़ चुका था और गांजे के नशे का आदी था।
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चचेरे भाई ने कहा- गांजा पीने का आदी था
नंदन के चचेरे भाई कामेंद्र यादव ने जागरण से बातचीत में घटना पर गहरा क्षोभ जताया। उन्होंने कहा, "जो कुछ भी हुआ है, वह सरासर गलत और शर्मनाक है। नंदन लंबे समय से गांजा पीने का आदी था। परिवार के लोग और हम सब उसे बार-बार समझाते थे कि बुरी लत और गलत संगत छोड़ दे, लेकिन वह किसी की बात नहीं सुनता था।"
मड़वा पहाड़ की दहशत और प्रतापपुर में पसरा सन्नाटा इस बात की गवाही दे रहा है कि चंद मनचलों की घिनौनी करतूत ने न सिर्फ दोनों मासूमों को आघात पहुंचाया, बल्कि पूरे इलाके की सामाजिक प्रतिष्ठा को भी दागदार कर दिया है।
