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शाबास जमुई की गौरी : 5 रुपये की बोहनी से शुरू किया सफर, आज कमा रहीं 30 हजार, डेढ़ मिनट में आइब्रो बनाने का है रिकॉर्ड

Published: Mon, 06 Jul 2026 05:59 AM (GMT+05:30)

जमुई की गौरी देवी ने मात्र 5 रुपये से ब्यूटी पार्लर शुरू कर आर्थिक तंगी दूर की और आज हर ...और पढ़ें

पति बेचते थे भूंजा-अंडा, पत्नी ने 5 रुपये की बोहनी से खड़ा किया बिजनेस, आज 100 महिलाओं को दे रहीं रोजगार

पति बेचते थे भूंजा-अंडा, पत्नी ने 5 रुपये की बोहनी से खड़ा किया बिजनेस, आज 100 महिलाओं को दे रहीं रोजगार

HighLights

  1. मात्र 5 रुपये से ब्यूटी पार्लर की शुरुआत की।

  2. हर महीने 30 हजार रुपये तक की कमाई करती हैं।

  3. 100 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाया।

संवाद सूत्र, बरहट (जमुई)। नई नवेली दुल्हन जब ससुराल में पहला कदम रखती है, तो वह अपने साथ कई सपने लेकर आती है। कुछ समय तक वह घूंघट की ओट में नए माहौल को समझने की कोशिश करती है, लेकिन जब उसे परिवार के तंग हालातों का पता चलता है, तो वही बहू संकट की घड़ी में ढाल बन जाती है। विषम परिस्थितियों में परिवार का संबल बनकर आज देश की नारी शक्ति स्वावलंबन की नई गाथा लिख रही हैं।

मायके का ब्यूटी पार्लर हुनर बना ससुराल का सहारा

इसकी जीवंत बानगी जमुई जिले के बरहट प्रखंड के पाड़ो गांव में देखने को मिली है, जहां गौरी देवी नाम की महिला ने अपनी मेहनत और हुनर के दम पर कामयाबी का एक नया इतिहास रच दिया है। गौरी देवी का मायका पश्चिम बंगाल के आसनसोल में है। वर्ष 2009 में उनकी शादी पाड़ो निवासी लक्ष्मण स्वर्णकार से हुई थी। शादी के वक्त उनके ससुराल की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय थी।

सिर्फ 5 रुपये से की शुरुआत, दुर्गापुर में बनाया रिकॉर्ड

उनके पति लक्ष्मण भूंजा और अंडा बेचकर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते थे, जिससे रोजाना की जरूरतें पूरी करना भी एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे में गौरी ने केवल पति की आय पर निर्भर रहने के बजाय अपने मायके से सीखे हुए ब्यूटी पार्लर के हुनर को आजमाने का फैसला किया। उन्होंने घर से ही मात्र पांच रुपये में महिलाओं की आइब्रो बनाने का काम शुरू कर दिया।

Jamui Gauri Devi From rs 5 to 30K Month Beauty Parlor Success (1)

बेटी के नाम पर खोला 'रितिका ब्यूटी पार्लर'

शुरुआती दौर में ग्रामीण परिवेश के कारण ब्यूटी पार्लर की सेवाओं की मांग बहुत कम थी और कई बार गौरी को दिनभर ग्राहकों का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी और अपने कुशल व्यवहार तथा कार्यकुशलता से स्थानीय महिलाओं का विश्वास जीत लिया। वर्ष 2013 में उन्होंने अपनी बेटी के नाम पर 'रितिका ब्यूटी पार्लर' की नींव रखी।

डेढ़ मिनट में आइब्रो बनाने का है शानदार रिकॉर्ड

गौरी ने समय के साथ खुद को अपडेट रखा और आज वे 17 प्रकार की हेयर कटिंग करने में पूरी तरह दक्ष हैं। इतना ही नहीं, मात्र डेढ़ मिनट में आइब्रो बनाने का दुर्गापुर में आयोजित एक सेमिनार में रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है, जिसके लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है। गौरी की इस सफलता में वर्ष 2023 का साल एक नया मोड़ लेकर आया।

जीविका समूह से मिला लोन, शादी के बाद की पढ़ाई

वर्ष 2023 में वे 'काजल स्वयं सहायता समूह' (जीविका) से जुड़ीं, जहां से उन्हें विभिन्न किस्तों में कुल 1.40 लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने पार्लर के लिए आधुनिक उपकरण और कॉस्मेटिक उत्पाद खरीदे। पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच गौरी ने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी और शादी के बाद मैट्रिक-इंटर पास कर स्नातक (बीए) में दाखिला लिया।

  • हेयर कटिंग में एक्सपर्ट: आज के दौर के हिसाब से 17 अलग-अलग प्रकार की हेयर कटिंग करने में पूरी तरह निपुण।

  • पढ़ाई की ललक: शादी और गृहस्थी संभालने के बाद मैट्रिक और इंटर पास किया, अभी बीए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं।

1.40 लाख का लोन और 100 से अधिक शिष्याएं

  • काजल स्वयं सहायता समूह: जीविका से मिले 1.40 लाख रुपये के लोन से पार्लर को आधुनिक बनाया।

  • महिला सशक्तिकरण: अब तक 100 से ज्यादा महिलाओं को ट्रेनिंग दी, जिनमें से 30 महिलाओं ने खुद का रोजगार शुरू कर लिया है।

हर महीने 30 हजार की कमाई, दूसरों को दे रहीं ट्रेनिंग

गौरी आज अपने पार्लर से हर माह 25 से 30 हजार रुपये कमा रही हैं और इस कमाई से उन्होंने पति के लिए एक कॉस्मेटिक स्टोर भी खुलवा दिया है। वे पिछले दो वर्षों से जन शिक्षण संस्थान में बतौर ट्रेनर काम कर रही हैं। वे अब तक 100 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित कर चुकी हैं, जिनमें से 30 से अधिक महिलाओं ने अपना खुद का पार्लर खोल लिया है।

संकल्प और हौसला बड़ा हो तो हर राह आसान

उनके यहां से ट्रेनिंग लेने वाली ललिता शर्मा आज नोएडा में होम सर्विस देकर अपने कैंसर पीड़ित पति का इलाज करा रही हैं। गौरी का मानना है कि कोई भी शुरुआत छोटी नहीं होती। यदि आपका संकल्प और हौसला बड़ा हो, तो मात्र पांच रुपये की बोहनी भी एक दिन आपको सफलता के शिखर पर पहुंचा सकती है, जिसकी वे खुद एक जीती-जागती मिसाल हैं।