बेऊर जेल में बंद जमुई के पूर्व राजस्व कर्मी छोटेलाल की मौत, निगरानी ने किया था अरेस्ट, PMCH में तोड़ा दम
जमुई के पूर्व राजस्व कर्मचारी छोटेलाल यादव की पटना के पीएमसीएच में इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो ...और पढ़ें

निगरानी की गिरफ्त में आए जमुई के पूर्व राजस्व कर्मचारी छोटेलाल यादव की पीएमसीएच में मौत
HighLights
पूर्व राजस्व कर्मचारी छोटेलाल यादव की पटना में मौत।
भ्रष्टाचार मामले में बेऊर जेल में थे न्यायिक हिरासत में।
जेल में तबीयत बिगड़ने पर पीएमसीएच में भर्ती कराया गया।
संवाद सूत्र, बरहट (जमुई)। जमुई जिले के सोनो अंचल के पूर्व राजस्व कर्मचारी छोटेलाल यादव की पटना में इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वे भ्रष्टाचार के एक मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की कार्रवाई के बाद से पटना की बेऊर केंद्रीय कारा में न्यायिक हिरासत में बंद थे। जेल में अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
जेल में सांस लेने में हुई तकलीफ, अस्पताल में तोड़ा दम
जानकारी के अनुसार, निगरानी विभाग द्वारा रिश्वतखोरी/भ्रष्टाचार के मामले में रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद से छोटेलाल यादव बेऊर जेल में बंद थे। जेल में रहने के दौरान अचानक उन्हें सांस लेने में अत्यंत गंभीर तकलीफ होने लगी और सीने में बेचैनी की शिकायत हुई। बंदी की हालत तेजी से बिगड़ते देख कारा प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें तुरंत पीएमसीएच, पटना भेजा।
घटना एक नजर में
मृतक: छोटेलाल यादव (पूर्व राजस्व कर्मचारी, सोनो अंचल, जमुई)।
पैतृक निवास: ग्राम डाढा, प्रखंड बरहट, जिला जमुई।
मामला: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तारी।
हिरासत स्थल: बेऊर केंद्रीय कारा, पटना।
मौत का स्थल व कारण: पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच); सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ व तबीयत बिगड़ने से।
वहां चिकित्सकों की विशेष टीम की निगरानी में उनका सघन इलाज चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और उपचार के दौरान ही उनकी मौत हो गई।
डाढा गांव में पसरा सन्नाटा, स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक छोटेलाल यादव मूल रूप से जमुई जिले के बरहट प्रखंड अंतर्गत डाढा गांव के रहने वाले थे। मंगलवार को जैसे ही उनकी मौत की मनहूस खबर उनके पैतृक गांव पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी, बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम और सन्नाटा पसर गया है। सूचना मिलने के बाद बदहवास स्वजन शव का पोस्टमार्टम कराने और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए पटना रवाना हो गए हैं।
