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जिए साथ, मरे भी साथ! जमुई में मधुमक्खियों के हमले से बुजुर्ग दंपती की मौत; एक साथ उठी अर्थी, एक ही चिता पर संस्कार

Published: Thu, 24 Sep 2026 01:03 PM (IST)

Jamui Elderly Couple Death Bee Attack: जमुई के नगरी गांव में मधुमक्खियों के प्राणघातक हमले से एक बुजुर्ग दंपती, पेरू ...और पढ़ें

HighLights

  1. जमुई में मधुमक्खियों के हमले से बुजुर्ग दंपती की मौत।

  2. पत्नी की मौके पर, पति की अस्पताल में हुई मृत्यु।

  3. एक ही चिता पर हुआ दोनों का अंतिम संस्कार।

संवाद सूत्र, चन्द्रमंडी (जमुई)। Jamui Elderly Couple Death Bee Attack: भारतीय संस्कृति में यह मान्यता बेहद गहरी है कि जोड़ियां ऊपर वाला बनाकर भेजता है और विवाह का पवित्र बंधन सिर्फ एक जीवन का नहीं, बल्कि सात जन्मों का होता है। इस शाश्वत कहावत को जमुई जिले के चकाई प्रखंड अंतर्गत नगरी गांव में एक बुजुर्ग दंपती ने अपने प्राण त्यागकर सच साबित कर दिया।

जीवन के हर सुख-दुख में एक-दूसरे की परछाई बनकर रहने वाले पति-पत्नी ने 'जिए साथ-मरे साथ' की मिसाल पेश करते हुए महज कुछ ही घंटों के अंतराल पर इस नश्वर संसार को अलविदा कह दिया। मृतकों की पहचान नगरी गांव निवासी 67 वर्षीय पेरू राणा और उनकी 57 वर्षीय धर्मपत्नी मुद्रिका देवी के रूप में की गई है। बुधवार की दोपहर दोनों घर के समीप स्थित बहियार में मवेशियों को बांधने और उनकी देखभाल के लिए गए थे।

Jamui Minor Harassment Congress Meets Victim Family (1)

ग्रामीणों के अनुसार, दोनों में इतना गहरा लगाव था कि वे खेत-खलिहान से लेकर बाजार तक हमेशा एक साथ ही जाते थे। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने दोनों पर प्राणघातक हमला कर दिया। मधुमक्खियों के अनगिनत डंक से दोनों वहीं तड़पने लगे। गंभीर रूप से घायल पत्नी मुद्रिका देवी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर हालत में पति पेरू राणा को बेहतर इलाज के लिए देवघर रेफर किया गया। वहां अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते हुए देर रात पेरू राणा ने भी अंतिम सांस ली।

बेंगलुरु से फ्लाइट पकड़कर गांव पहुंचे तीन बेटे

इस हृदयविदारक हादसे की सूचना मिलते ही बेंगलुरु में रहकर नौकरी करने वाले मृतक दंपती के तीन पुत्र— प्रकाश शर्मा, मुकेश शर्मा और पवन शर्मा स्तब्ध रह गए। तीनों आनन-फानन में फ्लाइट पकड़कर गुरुवार की सुबह अपने पैतृक नगरी गांव पहुंचे। दंपती के सबसे बड़े पुत्र फुलदेव शर्मा पहले से ही घर पर मौजूद थे।

माता-पिता दोनों का साया एक ही दिन सिर से उठ जाने के कारण चारों बेटों और तीन बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्वजनों के करुण क्रंदन से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। घर पर सांत्वना देने पहुंचे हर ग्रामीण की आंखें इस असहनीय दृश्य को देखकर नम हो गईं।

आगे पति, पीछे पत्नी... एक ही चिता पर अंतिम विदाई

गुरुवार को जब घर के आंगन से पेरू राणा और मुद्रिका देवी की अर्थी एक साथ उठी, तो वहां मौजूद हर शख्स फफक पड़ा। आगे-आगे पति की अर्थी और ठीक उसके पीछे पत्नी की अर्थी चल रही थी। यह कारुणिक दृश्य ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो दोनों इस लोक से विदा होते हुए भी एक-दूसरे का हाथ थामे सात फेरों के वचन को पूरा कर रहे हों।

Jamui Elderly Couple Dies Together After Fatal Bee Attack 

नगरी गांव की दर्दनाक दास्तान

  • स्थान: नगरी गांव, चकाई प्रखंड (जमुई)।

  • मृतक दंपती: 67 वर्षीय पेरू राणा और उनकी 57 वर्षीय पत्नी मुद्रिका देवी।

  • हादसे का कारण: बहियार में मवेशी बांधते वक्त मधुमक्खियों के झुंड का अचानक हमला।

  • इलाज व मौत: पत्नी ने मौके पर तोड़ा दम, पति की देवघर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत।

  • अंतिम संस्कार: अजय नदी घाट पर एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार।

  • परिवार: चार पुत्र (फुलदेव, प्रकाश, मुकेश, पवन) और तीन पुत्रियां।

गांव से गुजरते हुए शवयात्रा सीधे अजय नदी घाट पहुंची। वहां हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एक ही चिता सजाकर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। बेटों ने एक साथ मुखाग्नि दी। स्थानीय ग्रामीण दीपक शर्मा ने बताया कि पेरू और मुद्रिका के निस्वार्थ प्रेम और समझ की मिसाल पूरा गांव देता था। उनका यूं एक साथ दुनिया छोड़ जाना हर किसी के दिल को झकझोर गया है। घटना के बाद से पूरे नगरी गांव में चूल्हे नहीं जले और गहरा मातम पसरा हुआ है।