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परिवहन मंत्री के गृह जिले जमुई में DTO ऑफिस पर नहीं फहराया गया तिरंगा; भड़के लोग, DCLR कार्यालय का भी यही हाल

Published: Sat, 15 Aug 2026 11:13 PM (IST)

जमुई में स्वतंत्रता दिवस पर जिला परिवहन कार्यालय (DTO) और DCLR कार्यालय में विधिवत तिरंगा नहीं फहराया गया, जिससे 'हर ...और पढ़ें

80वें स्वतंत्रता दिवस पर DTO कार्यालय सह सुविधा केंद्र में नहीं हुआ झंडोत्तोलन; पोर्टिको पर छोटा सा झंडा लगा की खानापूर्ति

80वें स्वतंत्रता दिवस पर DTO कार्यालय सह सुविधा केंद्र में नहीं हुआ झंडोत्तोलन; पोर्टिको पर छोटा सा झंडा लगा की खानापूर्ति

HighLights

  1. जमुई DTO और DCLR कार्यालय में नहीं फहराया तिरंगा।

  2. स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज संहिता का उल्लंघन हुआ।

  3. नागरिकों ने प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

संवाद सहयोगी, जमुई। 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत जहां पूरा देश 80वें स्वतंत्रता दिवस के उल्लास और राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा था, वहीं बिहार सरकार के परिवहन मंत्री के गृह जिले जमुई में उनके अपने ही विभाग ने तिरंगे के मान-सम्मान की घोर अनदेखी कर दी। समाहरणालय परिसर से सटे करोड़ों की लागत से बने आलीशान जिला परिवहन कार्यालय (DTO)-सह-सुविधा केंद्र में राष्ट्रीय पर्व के दिन विधिवत ध्वजारोहण तक नहीं किया गया।

कार्यालय परिसर में न तो कोई ध्वज स्तंभ है और न ही झंडोत्तोलन की कोई औपचारिक व्यवस्था की गई। औपचारिकता पूरी करने के नाम पर भवन के पहले तल्ले की रेलिंग (पोर्टिको) पर महज एक छोटा सा तिरंगा बांधकर इतिश्री कर ली गई, जिसकी तस्वीर भी सामने आई है।

अपने पैसे से मिठाई खाने को विवश दिखे कर्मी

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर कार्यालय में तैनात कर्मी भी व्यवस्था की इस बेरुखी से आहत और असहज नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यालय के कर्मियों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर अपने पैसों से राष्ट्रीय मिठाई (जलेबी) मंगवाई और आपस में बांटी। कर्मियों में इस बात की टीस साफ दिखी कि इतने बड़े सरकारी कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज को वह सम्मान नहीं मिल सका, जो मिलना चाहिए था।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह कोई पहली बार की बात नहीं है। जब से परिवहन विभाग का यह नया और भव्य भवन बना है, तब से यहां कभी भी विधिवत तरीके से झंडोत्तोलन समारोह आयोजित नहीं किया गया।

DCLR कार्यालय में भी नहीं लहराया राष्ट्रध्वज, उठे सवाल

हद तो तब हो गई जब जमुई के भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) कार्यालय का भी यही हाल देखने को मिला। 15 अगस्त के पावन दिन इस कार्यालय परिसर में भी राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया।

सरकारी नियमों और भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) के अनुसार प्रत्येक सरकारी कार्यालय में 15 अगस्त और 26 जनवरी को गरिमामय तरीके से राष्ट्रीय ध्वज फहराना अनिवार्य है। ऐसे में स्थानीय लोग अब सीधे तौर पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

'क्या नियम सिर्फ जनता के लिए हैं?'—नागरिकों में भारी रोष

इस प्रशासनिक लापरवाही को लेकर जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि जब सरकार 'हर घर तिरंगा' अभियान को जन-आंदोलन बनाने में जुटी है, तब स्वयं प्रशासनिक बाबुओं की यह घोर लापरवाही बेहद शर्मनाक है।

नागरिकों ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब विभागीय मंत्री के गृह जिले के मुख्य दफ्तरों का यह हाल है, तो अन्य जगहों पर नियमों के पालन की क्या स्थिति होगी। मामले में जिला प्रशासन से दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।