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जमुई के DM और SDM बन गए 'टीचर', अचानक पहुंचे स्कूल और शुरू कर दी क्लास; बच्चों के साथ मिड-डे मील भी खाया

Published: Fri, 04 Sep 2026 03:00 PM (IST)

जमुई में सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है। जिलाधिकारी नवीन और ...और पढ़ें

HighLights

  1. डीएम ने बरहट के स्कूलों का निरीक्षण कर सुविधाओं की जांच की।

  2. एसडीएम ने छात्रों को पढ़ाया, शैक्षणिक गुणवत्ता पर चर्चा की।

  3. अधिकारी सरकारी स्कूल शिक्षा सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

संवाद सहयोगी, जमुई। सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार को लेकर लिए गए फैसले को जिला प्रशासन ने धरातल पर उतारना प्रारंभ कर दिया है। इसी कड़ी में गुरुवार को जिला पदाधिकारी नवीन सहित जिले के सभी वरीय अधिकारियों ने अलग-अलग विद्यालयों का निरीक्षण किया।

डीएम ने बरहट प्रखंड के स्व. शुक्रदास यादव मेमोरियल राजकीय उच्च विद्यालय, आदर्श राजकीय बुनियादी विद्यालय और उत्क्रमित मध्य विद्यालय ललमटिया का जायजा लिया। इन स्कूलों में डीएम ने शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई, मध्याह्न भोजन, शौचालय, बिजली और अभिलेखों की जांच की।

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वे कक्षा में पहुंचे और बच्चों को पढ़ाकर उनके ज्ञान का स्तर भी परखा। डीएम ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील भी की है। मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए बच्चों के साथ भोजन किया।

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उनकी सादगी की खासियत रही कि वह थाली लेकर रसोईया के पास खुद खाना लेने पहुंचे थे। मंगलवार को जिला समन्वय समिति की बैठक में अधिकारियों को एक-एक विद्यालय गोद लेने का निर्देश दिया गया था। निरीक्षण को इसी व्यवस्था की शुरुआत से जोड़कर देखा जा रहा है।

एसडीएम पहुंचे सतायन स्कूल, बच्चों के साथ बैठकर की पढ़ाई

गोद लिए विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए जमुई के एसडीएम सौरभ कुमार गुरुवार को सदर प्रखंड के आदर्श प्लस टू उच्च विद्यालय सतायन पहुंचे। करीब दो घंटे विद्यालय में रहकर उन्होंने बच्चों और शिक्षकों के साथ शैक्षणिक गतिविधियों को समझा।

पहले विद्यार्थियों के बीच बैठकर पढ़ाई के स्तर को परखा, फिर स्वयं कक्षा लेकर विद्यार्थियों से प्रश्नोत्तर किया। नवम कक्षा में उन्होंने संविधान चक्र, जबकि दसवीं कक्षा में भूगोल के संसाधन अध्याय को अपने अंदाज में परिभाषित किया।

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इसके साथ ही विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और आगामी परीक्षा की तैयारी के टिप्स दिए। बाद में प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह सहित शिक्षकों के साथ बैठक कर शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के उपायों पर चर्चा की। विद्यालय को वास्तविक अर्थों में आदर्श बनाने का संकल्प लिया गया।