जमुई, जेएनएन। जिले के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार पांडेय के न्यायालय ने जम्मू कश्मीर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और फिल्म अभिनेता ऋषि कपूर पर आपत्तिजनक बयान देने को लेकर परिवाद संख्या 1554 सी में वारंट जारी किया है। इन दोनों पर देश के खिलाफ बयान देने का मामला दर्ज किया गया था जिसपर कोर्ट ने ये आदेश जारी किया है। 

जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में जम्मू कश्मीर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्लाह ने किसी सार्वजनिक मंच से यह बयान दिया था कि जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है और फारूक अब्दुल्ला के इस विवादित बयान का फिल्म अभिनेता ऋषि कपूर ने भी समर्थन किया था।

जम्मू कश्मीर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और फिल्म अभिनेता ऋषि कपूर के खिलाफ अधिवक्ता राजीव रंजन के द्वारा परिवाद पत्र दायर किया गया था। इस मामले में दोनों के खिलाप अब कोर्ट द्वारा वारंट जारी किया गया है।

क्या था मामला....

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला द्वारा एक जनसभा में कश्मीर को लेकर दिए बयान और इसके अलावा फिल्म अभिनेता ऋषि कपूर के ट्वीट से कश्मीर के बारे में की गई टिप्पणी से आहत जमुई व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ताओं ने दोनों के खिलाफ परिवाद पत्र दायर किया था।

पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला के अलावा फिल्म अभिनेता ऋषि कपूर को नामजद करते हुए अधिवक्ता परिमल कुमार द्वारा दायर परिवाद पत्र में परिवादी अधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा है कि जब उन्होंने अन्य अधिवक्ताओं के साथ केश के संदर्भ में चर्चा करते हुए टीवी खोला तो समाचार में उन्होंने देखा कि फारूख अब्दुल्ला एक जनसभा को संबोधित करते हुए कह रहे हैं कि कश्मीर भारत के बाप की जागीर नहीं है। यह कभी भी भारत का नहीं हो सकता।

 

Posted By: Kajal Kumari

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