बरनार जलाशय परियोजना को मिली रफ्तार, जमुई के 4 अंचलों में 845 एकड़ भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी
जमुई में महत्वाकांक्षी बरनार जलाशय परियोजना के पाइपलाइन नेटवर्क के लिए 845 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है।

बरनार जलाशय परियोजना को मिली रफ्तार, जमुई के 4 अंचलों में 845 एकड़ भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी
HighLights
बरनार जलाशय परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज।
कुल 845 एकड़ से अधिक भूमि का होगा अर्जन।
सिंचाई पाइपलाइन नेटवर्क से खेतों तक पहुंचेगा पानी।
अरविंद कुमार सिंह, जमुई। जिले की महत्वाकांक्षी बरनार जलाशय परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। दशकों से लंबित इस परियोजना के दाई और बाई पाइपलाइन वितरण नेटवर्क के निर्माण के लिए जिले के चार प्रमुख अंचलों में कुल 845.62 एकड़ भूमि के अर्जन की तैयारी प्रारंभ हो गई है।
जल संसाधन विभाग की अधियाचना पर और जिला भू-अर्जन कार्यालय ने विस्तृत विवरण के साथ अधिसूचना जारी कर दिया है। इसके तहत सोनो, खैरा, झाझा और गिद्धौर अंचल के लगभग छह दर्जन से अधिक गांव टोला की जमीन अधिग्रहित की जानी है।
परियोजना को गति देने के लिए खैरा अंचल में 230.87 एकड़ भूमि के अर्जन की विधिवत अधिसूचना जारी कर दी गई है। प्रशासन की कतार में जिला प्रशासन की ओर से तैयार विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, सोनो अंचल में सर्वाधिक 533.48 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है।
झाझा में 43.38 एकड़ और गिद्धौर अंचल में 37.87 एकड़ भूमि अर्जन का भी खाका पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। इस पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से सुदूर ग्रामीण इलाकों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।
भूमि अर्जन की इन अधिसूचनाओं के बाद अब प्रभावित रैयतों की निगाहें मुआवजे के निर्धारण, पारदर्शी भुगतान और आगे की प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर टिक गई हैं।
खैरा के 33 मौजों में 230 एकड़ से अधिक जमीन की अधिसूचना
खैरा अंचल के अंतर्गत आने वाले 33 मौजों (गांवों) में कुल 230.87863 एकड़ भूमि के अर्जन की अधिसूचना जारी हुई है। इसमें झुंडो मौजा की सर्वाधिक 38.52929 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा रही है।
इसके अलावा नीम नवादा की 25.45892 एकड़, मंगोबांदर की 24.16417 एकड़, खड़ाईंच की 21.12589 एकड़ और चंद्रशैली की 14.18343 एकड़ जमीन इस योजना की जद में आएगी।
इसके साथ ही बेला, देहरीडीह, कैराकादो, धर्मपुर और जीत-झिंगोई सहित अन्य कई मौजों की भूमि भी पाइपलाइन नेटवर्क के लिए ली जा रही है।
भू-अर्जन विभाग के लिए संबंधित भू-खंडों का भौतिक सत्यापन, जमीन के स्वामित्व संबंधी अभिलेखों की गहन जांच और नया भूमि अर्जन कानून के तहत उचित मुआवजा तय करना सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण काम होगा।
सोनो अंचल में होगा सर्वाधिक 533 एकड़ जमीन का अधिग्रहण
बरनार जलाशय परियोजना के तहत चारों चिन्हित अंचलों में से सोनो अंचल में सबसे बड़ा भू-भाग अधिग्रहित किया जा रहा है। यहां कुल 533.48582 एकड़ भूमि के अर्जन का ब्योरा तैयार किया गया है।
सोनो अंचल की भगवाना मौजा की 30.07981 एकड़, सारेबाद की 24.75706 एकड़, महेश्वरी की 13.46466 एकड़, तेतरिया की 12.59548 एकड़ और कोरिया की 12.28514 एकड़ जमीन का अर्जन प्रस्तावित है।
इन बड़े गांवों के अलावा चुरहैत, डोकली, गंदर, टोला बौथा, लखनकियारी और केशोफरका समेत दर्जनों अन्य मौजों की जमीन भी इस महात्वाकांक्षी सिंचाई नेटवर्क का हिस्सा बनेगी।
हालांकि, इस प्रक्रिया की वास्तविक सफलता और जमीनी प्रगति पूरी तरह से अधिसूचना के बाद के दावों-आपत्तियों के निपटारे और रैयतों को बिना किसी विवाद के समय पर मुआवजे के भुगतान की स्थिति पर निर्भर करेगी।
झाझा और गिद्धौर की जमीन पर भी पाइपलाइन का जाल
योजना के तहत झाझा और गिद्धौर अंचल के किसान भी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे और इन क्षेत्रों की जमीन भी अर्जन की जद में आ रही है। झाझा अंचल के कुल नौ मौजों से 43.38816 एकड़ भूमि के अर्जन का विवरण सामने आया है।
इसमें हथिया मौजा की 18.81054 एकड़, जामुखैरैया की 13.15870 एकड़ और टोला करहरा की 6.24103 एकड़ जमीन प्रमुख रूप से शामिल है। गिद्धौर अंचल में 37.87131 एकड़ भूमि के अर्जन का विवरण है।
गिद्धौर के मौरा मौजा की 18.66990 एकड़, धोबघट की 9.25208 एकड़, कुमरडीह की 5.05503 एकड़, बंधौरा की 2.40814 एकड़, गंगरा की 2.28956 एकड़ और महुली की 0.20610 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
पाइपलाइन नेटवर्क के लिए प्राप्त अधियाचना के विरुद्ध संबंधित भूमि अर्जन के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। खैरा की अधिसूचना का प्रकाशन भी हो गया है। - मनोज कुमार राय, भू-अर्जन पदाधिकारी, जमुई
