जमुई। प्रखंड में भीषण गर्मी के कारण जल संकट की समस्या लगातार सामने आ रही है। कई इलाकों में चापाकल सूखने लगे हैं। वहीं कई जगहों पर कुआं का जलस्तर भी काफी नीचे चला गया है। अजय, मोहली और पत्रों जैसे महत्वपूर्ण नदी भी पूरी तरह सूख चुके हैं। जिससे पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है।

इन नदियों में पानी पीने के लिए मवेशी दिन भर घूमते रहते हैं, लेकिन उन्हें कहीं पानी नसीब नहीं होता। ऐसे में प्रखंड के रामचंद्रडीह गांव स्थित महतो आहार जल संरक्षण का सीख दे रहा है। वर्षों पूर्व बना यह तालाब आज भी पानी से लबालब है। स्थानीय ग्रामीण प्रदीप राय बताते हैं कि वर्षों पूर्व इस तालाब का निर्माण कराया गया था। जिसमें सालों भर पानी रहता है। तालाब में पानी का फायदा भी इलाके के किसान भरपूर तरीके से लेते हैं। धान, गेहूं सहित अन्य फसलों का पटवन इसी तालाब से होता है। करीब 8 वर्ष पूर्व विभाग द्वारा तालाब का सुंदरीकरण कराया गया था। हालांकि सुंदरीकरण में गुणवत्ता का बेहतर ख्याल नहीं रखे जाने के कारण जिस स्तर पर सुंदरीकरण होना था, उस स्तर से नहीं हो पाया। फिर भी यह तालाब पूरे पंचायत के साथ-साथ प्रखंड के लिए भी जल संरक्षण की सीख दे रहा है। इस तालाब में पानी रहने से आसपास के इलाकों के कुआं और चापाकल का जलस्तर भी बना रहता है। सालों भर पानी रहने से इस तालाब से जहां भरपूर मात्रा में सिचाई होती है। वहीं लोग नहाने धोने एवं मवेशियों को पानी पिलाने में भी इसका भरपूर इस्तेमाल करते हैं।

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