फोटो 23 जमुई- 5

संवाद सहयोगी, जमुई : जहां से मन हुआ बालू का उठाव हो गया, चालान पर जितनी इच्छा हुई राशि चढ़ा दी, ट्रक पर अधिक से अधिक बालू लाद दी गई। न कोई रोकने वाला और न ही कोई टोकने वाला। इंट्री दो और इत्मीनान से नियम कानून को रौंदते अपने मनसूबे को पूरा करो। पर्यावरण हितैषी या आम आदमी की आवाज उठे तो फिर..। जी, हां जिले में बालू संवेदक और बालू परिवहन में मनमानी चल रही है। जिले में खनिज पदार्थ की मनमानी राशि वसूली जा रही है। बालू चालान में दर्ज राशि का अंतर यह बताने के लिए काफी है।

----------

सौ सीएफटी बालू की ली जा रही अलग-अलग कीमत

अलग-अलग चालान में सौ सीएफटी बालू की अलग-अलग कीमत दर्ज है। एक चालान में 12 सौ, दूसरे में 14 सौ, एक में छह सौ और एक में एक हजार, जबकि बालू का वजन चार मीट्रिक टन और मात्रा सौ सीएफटी ही दर्ज है। अब इस अंतर के पीछे का कारण संवेदक की जानें। जानकारों की मानें तो बालू के लिए इस राशि से अधिक राशि वसूली जाती है। ट्रैक्टर के एक ट्राली की कीमत 15 सौ तथा दस चक्का ट्रक से आठ से दस हजार रुपया लिया जाता है।

-------------------

नदी में मिट्टी से बनाया रास्ता, प्रशासन मौन

बालू निकासी के लिए नदी में मिट्टी और मोरम डालकर रास्ता बना दिया गया। बावजूद प्रशासन है। पत्नेश्वरनाथ पहाड़ के समीप नदी में पांच रास्ता बनाया गया है। दूर से देखने पर नदी में रास्ते ही रास्ते नजर आते हैं। इसी प्रकार अन्य जगहों पर भी नदी में रास्ता बनाया गया है। पर्यावरणविद के अनुसार नदी में गाद जमा होगा और फिर उस पर घास का कब्जा हो जाएगा। इससे नदी की धारा भी बदल सकती है। साथ ही जलीय जीवों को नुकसान पहुंचेगा।

--------------------

बेधड़क चल रही ओवरलोड ट्रक

इन दिनों जिले में ओवरलोड बालू ट्रक बेधड़क चल रहे हैं। कटौना बायपास के पास पुलिस ने ओवरलोड पर रोक लगाने के लिए चेकपोस्ट बनाया है। अब बालू लदे ट्रक मलयपुर बाजार होकर चलने लगी। ओवरलोड ट्रक के परिचालन से सड़क भी टूटने लगी है। इसकी शिकायत लगातार होने के बावजूद कार्रवाई शून्य है।

Edited By: Jagran