संवाद सूत्र, चंद्रमंडी (जमुई): चकाई प्रखंड के नक्सल प्रभावित बोंगी और बरमोरिया पंचायत में पिछले एक दशक से स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर झंडोत्तोलन नहीं हो पाता है। झंडोत्तोलन नहीं होने का मुख्य कारण नक्सलियों का आतंक और भय है। इस बार नक्सलियों ने 21 जनवरी से 26 जनवरी तक प्रतिरोध सप्ताह मनाने की घोषणा की है। वहीं 27 जनवरी को बिहार-झारखंड बंद का आह्वान किया है। आतंक के कारण इन इलाके के विद्यालयों में झंडोत्तोलन नहीं हो पाता। पुलिस और प्रशासन इलाके में नक्सलियों का प्रभाव कम हो जाने का दावा करती है, लेकिन अभी तक इस इलाके में झंडोत्तोलन नहीं होना नक्सलियों का प्रभाव बरकरार रहना बताया जाता है। इस संबंध में शिक्षक खुलकर कुछ कहने से परहेज करते हैं, लेकिन ग्रामीणों की मानें तो इसका मुख्य कारण यही है। नक्सल प्रभावित दोनों पंचायतों में स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस पर एक दशक से झंडोत्तोलन नहीं हो पाता है। स्थानीय लोग बताते हैं कि नक्सली फरमान में उमंग दबकर रह जाता है। हालांकि इस बार भी नक्सलियों का डर देखा जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार एक भी विद्यालय में गणतंत्र दिवस को लेकर झंडोत्तोलन की तैयारी नहीं की गई है। गत स्वतंत्रता दिवस पर उस इलाके के एक निजी विद्यालय के शिक्षक ने तिरंगा फहराया था। दबी जुबान कई शिक्षकों ने बताया कि नक्सली आतंक और भय के कारण इस इलाके में पिछले कई सालों से झंडोत्तोलन नहीं हो रहा है। इन इलाकों में पूर्व में नक्सलियों द्वारा काला झंडा भी सरकारी स्कूलों में लगा कर विरोध जताया जाता था। पिछले दो सालों से सुरक्षाबल की सक्रियता से नक्सली काला झंडा नहीं फहरा पा रहे हैं।

--

कोट

मुझे ऐसी सूचना नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। सभी विद्यालयों में झंडोत्तोलन करना अति आवश्यक है। झंडोत्तोलन नहीं करने वाले विद्यालयों के प्रधानों पर जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी।

अशोक चौधरी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, चकाई

Edited By: Jagran