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आजादी से पहले शिक्षक बने ब‍िहार के विष्णुदेव का 115 वर्ष की उम्र में निधन; कुमार गांव में शोक, 1986 में हुए थे रिटायर

Published: Mon, 28 Sep 2026 08:44 AM (IST)

Teacher Vishnudev Singh Passes Away: बिहार के जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड के कुमार गांव निवासी वयोवृद्ध शिक्षाविद विष्णुदेव सिंह ...और पढ़ें

जमुई के श‍िक्षक विष्णुदेव सिंह का न‍िधन।

जमुई के श‍िक्षक विष्णुदेव सिंह का न‍िधन।

HighLights

  1. जमुई के कुमार गांव में 115 वर्षीय शिक्षाविद विष्णुदेव सिंह का निधन।

  2. उन्होंने आजादी से पहले शिक्षक के रूप में कार्य शुरू किया था।

  3. सेवानिवृत्ति के बाद भी लगभग 40 वर्षों तक पेंशन प्राप्त की।

संवाद सूत्र, सिकंदरा (जमुई)।  Teacher Vishnudev Singh Passes Away: ब‍िहार के जमुई ज‍िला अंतर्गत सिकंदरा प्रखंड क्षेत्र के कुमार गांव निवासी वयोवृद्ध शिक्षाविद एवं भूतपूर्व शिक्षक विष्णुदेव सिंह का रविवार को 115 वर्ष की लंबी आयु में निधन हो गया। वे क्षेत्र के सबसे उम्रदराज व्यक्ति थे। उनके निधन का समाचार मिलते ही समूचे सिकंदरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन शिक्षा के प्रसार और समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया था।

विष्णुदेव सिंह की पहचान एक ऐसे समर्पित शिक्षक के रूप में रही, जिन्होंने देश की आजादी (1947) से पहले ही शिक्षक पद पर योगदान देकर ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगानी शुरू कर दी थी। उन्होंने लगभग चार दशकों से अधिक समय तक कई पीढ़ियों को अक्षर ज्ञान देने के साथ नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी।

1986 में हुए थे रिटायर, चार दशकों तक ली पेंशन

विष्णुदेव सिंह वर्ष 1986 में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने करीब 40 वर्षों तक निरंतर सरकारी पेंशन का लाभ लिया, जो अपने आप में एक दुर्लभ कीर्तिमान है। लंबी उम्र होने के बावजूद उनकी दिनचर्या बेहद संयमित, अनुशासित और सक्रिय रही। वे सदैव गांव और समाज के सुख-दुख में शामिल रहते थे तथा युवाओं को उच्च नैतिक आचरण की प्रेरणा देते थे।

bihar oldest teacher vishnudev singh dies at 115 in jamui (2)

शिक्षक विष्णुदेव सिंह: जीवन परिचय 

  • नाम: विष्णुदेव सिंह

  • आयु: 115 वर्ष

  • निवास स्थान: ग्राम- कुमार, प्रखंड- सिकंदरा, जिला- जमुई (बिहार)

  • पेशा/पहचान: भूतपूर्व शिक्षक एवं वरिष्ठ शिक्षाविद

  • नियुक्ति काल: स्वतंत्रता पूर्व (1947 से पहले)

  • सेवानिवृत्ति वर्ष: 1986 (लगभग 40 वर्षों तक पेंशनभोगी रहे)

  • विशेषता: क्षेत्र के सबसे दीर्घायु नागरिक, सामाजिक समरसता और सादगीपूर्ण जीवन के प्रतीक

मां नेतुला मंदिर ट्रस्ट व प्रबुद्धजनों ने दी श्रद्धांजलि

उनके निधन पर शिक्षाविदों, समाजसेवियों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने गहरी संवेदना प्रकट की है। मां नेतुला मंदिर ट्रस्ट के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष हरदेव सिंह, पूर्व सचिव कृष्णनंदन सिंह, वर्तमान उपाध्यक्ष अरविंद कुमार, उमाशंकर सिंह और अनुज सिंह सहित अनेक बुद्धिजीवियों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि विष्णुदेव बाबू का जाना समाज के लिए एक युग का अंत है। उनके द्वारा दी गई शिक्षा और सामाजिक सरोकारों को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा। प्रबुद्धजनों ने दिवंगत पुण्यात्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी।