बिहार बजट 2026-27: बजट की पोटली से निकली जमुई के लिए दो सौगातें, नई उम्मीद जगी
बिहार बजट 2026-27 जमुई के लिए बरनार जलाशय और डिजिटल तारामंडल जैसी दो बड़ी सौगातें लेकर आया है। 2,579 करोड़ ...और पढ़ें

Jamui Barnar Reservoir
HighLights
बरनार जलाशय से जमुई के खेतों में आएगी हरियाली।
डिजिटल तारामंडल बच्चों को ब्रह्मांड से जोड़ेगा, विज्ञान की चमक।
महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु वित्तीय सहायता और छात्रावास निर्माण।
जागरण संवाददाता, जमुई। बिहार बजट 2026-27 जमुई के लिए केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि दशकों पुरानी टीस का मरहम बनकर आया है। इस बार बजट की पोटली से दो ऐसी सौगातें निकली हैं, जो जमुई के खेतों में हरियाली की ''धमक'' और बच्चों की आंखों में विज्ञान की ''चमक'' भर देंगी।
बरनार: महज एक जलाशय नहीं, अन्नदाता का आत्मसम्मान है
जमुई की धरती को आधी सदी से अधिक समय तक बरनार जलाशय इंतजार है। सोनो, झाझा, खैरा और गिद्धौर के वे किसान, जिन्होंने अपनी फटी हुई जमीनों को आसमान की ओर ताकते देखा है। आज उनकी आंखों में संतोष के आंसू हैं।
2,579 करोड़ रुपये का यह बजट आवंटन केवल एक वित्तीय राशि नहीं है, बल्कि उस संकल्प की जीत है। जिसने सूखे के थपेड़ों के आगे घुटने नहीं टेके। जब बरनार की लहरें पाइप लाइनों के रास्ते खेतों की प्यास बुझाने निकलेंगी। तो वह सिर्फ पानी नहीं होगा। वह जमुई के किसानों की नसों में दौड़ती खुशहाली होगी। अब यहां का किसान मजबूर नहीं बल्कि मजबूत होकर सोना उपजाएगा।
- जमुई की प्यासी मिट्टी का अमृत काल, बरनार की लहरों और तारों की छांव में खिल उठेगा भविष्य
- जमुई की खेतों में हरियाली की ''धमक'' और बच्चों की आंखों में विज्ञान की होंगी चमक
अब जमुई की गलियों से खुलेगा अंतरिक्ष का द्वार
जमुई के नौनिहालों के लिए अब चंदा मामा दूर के नहीं रहेंगे। 39 करोड़ की लागत से बनने वाला डिजिटल तारामंडल जमुई के मेधावी छात्रों के लिए एक ऐसा लांचपैड है। जहां से वे ब्रह्मांड के रहस्यों को छू सकेंगे। कल तक जो बच्चे किताबों में ब्लैक होल और आकाश गंगाओं की तस्वीरें देखते थे। अब वे अपने शहर में बैठकर सितारों के बीच सैर करेंगे। यह तारामंडल जमुई के हर उस बच्चे को संदेश दे रहा है कि तुम्हारी उड़ान जमुई की गलियों तक सीमित नहीं, तुम्हारी मंजिल तो पूरा अंतरिक्ष है।
आधी आबादी और पूरे विकास का संकल्प
बजट ने केवल खेतों और आसमान की ही बात नहीं की, बल्कि घर की दहलीज पर खड़ी बेटियों के सपनों को भी पंख दिए हैं। सात निश्चय-3 के तहत महिलाओं को मिलने वाली दो लाख तक की सहायता और नए छात्रावासों का निर्माण यह सुनिश्चित करेगा कि जमुई की कोई भी बेटी संसाधनों के अभाव में अपनी पढ़ाई या हुनर को न छोड़े।
नया जमुई, नई उम्मीद
यह बजट जमुई के आत्मसम्मान की एक नई गूंज है। एक ओर बरनार का पानी मिट्टी को उर्वर बनाएगा, तो दूसरी ओर तारामंडल की रोशनी सोच को वैज्ञानिक आधार देगी। जमुई अब पिछड़ेपन की पहचान से बाहर निकलकर विकास की मुख्यधारा में सिर उठाकर खड़ा है। यह समय पुरानी शिकायतों की राख को झाड़कर, सुनहरे भविष्य की मशाल थामने का है। बधाई हो जमुई! अब तुम्हारे सपनों को हकीकत के पंख लग चुके हैं।
