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जमुई में AI ने खोली मनरेगा में फर्जीवाड़े की पोल, DDC ने 52 रोजगार सेवकों से मांगा जवाब

Published: Sun, 21 Jun 2026 04:27 AM (IST)

मनरेगा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसमें एक ही फोटो का कई ...और पढ़ें

मनरेगा में भ्रष्टाचार की खुली पोल। फाइल फोटो

मनरेगा में भ्रष्टाचार की खुली पोल। फाइल फोटो

HighLights

  1. एआई जांच में मनरेगा में व्यापक गड़बड़ियां उजागर।

  2. एक ही फोटो, लिंग भेद, फर्जी उपस्थिति दर्ज।

  3. जमुई के 52 रोजगार सेवकों से स्पष्टीकरण मांगा।

अरविंद कुमार सिंह, जमुई। मोटी तनख्वाह लेकर मनरेगा के सही क्रियान्वयन की जिम्मेवारी निभा रहे अधिकारियों की आंखें भले गड़बड़ी को नजर अंदाज कर जा रहा हो, आर्टिफिशियल तकनीक ने ईमानदारी से अपनी रिपोर्ट विभाग को थमा दी है।

जिले में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एनएमएमएस ऐप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं।

जांच में एक ही फोटो का कई योजनाओं में उपयोग, पुरुष की जगह महिला और महिला की जगह पुरुष तथा एक ही समय में अलग-अलग कार्यस्थलों पर एक ही मजदूर की उपस्थिति दर्ज किए जाने जैसे गंभीर मामले पकड़े गए हैं।

ऐसे मामलों की ओर दैनिक जागरण लंबे समय से ध्यान आकृष्ट कराते रहा है, जिसकी पुष्टि अब एआइ ने भी कर दी है। यह दीगर बात है कि अधिकांश मामलों में स्थानीय स्तर पर स्पष्टीकरण के बाद कार्रवाई की गाड़ी थम गई।

बहरहाल, मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने लगाम कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में उप विकास आयुक्त सुभाष चंद्र मंडल ने जिले के 52 पंचायत रोजगार सेवकों से 22 जून तक स्पष्टीकरण का जवाब मांगा है। विभाग की उक्त कार्रवाई के बाद मनरेगा में लूट मचाने वालों के बीच खलबली मच गई है।

झाझा में पकड़ी गई सर्वाधिक गड़बड़ी

राज्य मुख्यालय स्तर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने जिले के पांच प्रखंडों यथा चकाई, झाझा, लक्ष्मीपुर खैरा और सिकंदरा प्रखंड की विभिन्न मनरेगा योजनाओं में अपलोड एनएमएमएस की जांच की गई थी। उक्त जांच में व्यापक गड़बड़ियां पकड़ी गई हैं। इसमें झाझा प्रखंड पहले नंबर पर है। यहां 20 में से 19 पंचायतों में की गई व्यापक गड़बड़ी सामने आई है।

इसके बाद दूसरे नंबर पर सिकंदरा प्रखंड का स्थान है। यहां 13 में से 12 पंचायतों में गड़बड़ी के प्रमाण मिले हैं। तीसरे नंबर पर चकाई प्रखंड है। यहां 23 में से 09 पंचायतों की योजनाओं में गड़बड़ी पकड़ में आई है।

लक्ष्मीपुर प्रखंड की बात की जाए तो यहां भी 13 में से 08 पंचायत में गड़बड़झाला किया गया है। हालांकि, हाल के दिनों में सुर्खियां बनी सोनो प्रखंड की पंचायतों में एआइ तकनीक से जांच नहीं हुई।

बताया जाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जांच में जिले में शायद ही कोई पंचायत जिले में ऐसा बचेगा, जहां मजदूरों की तस्वीर, नाम और अंगूठा लगाने का फर्जीवाड़ा नहीं किया जा रहा हो।

इन पंचायतों के रोजगार सेवकों को हुआ स्पष्टीकरण

झाझा प्रखंड : बैजला, बाराजोर, बाराकोला, बोड़वा, चांय, छापा, धमना, हथिया, जामोखरैया, कानन, कनौदी, करहरा, कर्मा, केशोपुर, खुरंडा, महापुर, पैरगाहा, रजलाकला एवं टेलवा

सिकंदरा प्रखंड : बिछवे, ईंटासागर, खरडीह, कुमार, महादेव सिमरिया, मंजोष, मथुरापुर, मिर्चापाठकचक, गोखुला फतेहपुर, पोहे, सबलबीघा, सिझौड़ी

चकाई प्रखंड : चौफला, दुलमपुर, कल्याणपुर नावाडीह, पेटरपहाड़ी, फरियाताडीह, रामचंद्रडीह, सरौन

लक्ष्मीपुर प्रखंड : गौरा, हरला, ककनचौर, काला, मटिया, मोहनपुर, नजारी एवं पिडरौन

खैरा प्रखंड : बिशनपुर, गोली, हरणी तथा नीम नवादा

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