अरवल: नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बावजूद कुर्था बाजार की तस्वीर नहीं बदली है। सड़क पर बह रहा नाली का गंदा पानी कुर्था बाजार की पहचान बन गई है। मुख्यालय के खेमकरण सराय पंचायत को राज्य सरकार ने नगर पंचायत बना दिया था। इससे स्थानीय बाजार सहित प्रखंडवासियों में एक आस जगी थी कि अब कुर्था बाजार की तस्वीर बदल जाएगी।

यहां के लोगों को यह उम्मीद थी कि नगर पंचायत के सफाई कर्मी नाले की उड़ाही कर इस नारकीय स्थिति से छुटकारा दिलाएंगे, लेकिन नगर पंचायत बनने के कई माह बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों है। स्थानीय बाजार की सड़कें गन्दगी से पटी हैं। वहीं सड़क पर बह रहे नाली के पानी से पूरी सड़क कीचड़युक्त हो गई है। इससे पैदल चलने वालों को भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय बाजार में वर्षो से नाली का पानी सड़कों पर ही गिर रहा है। इस बाबत कई बार स्थानीय नागरिक आंदोलन भी कर चुके हैं। मौसम चाहे कोई भी हो स्थानीय बाजार की सड़कें हमेशा आपको कीचड़युक्त ही मिलेंगी। इस समस्या के समाधान के प्रति न तो जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासनिक अधिकारी ही ध्यान दे रहे हैं। आलम यह है कि सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। स्थानीय लोगों ने सड़क के किनारे दोनों तरफ नाला का निर्माण कराने की मांग की है। इस ओर भी किसी का ध्यान नहीं है। लोगों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से आगे बढ़कर समस्या का समाधन कराने की अपील की है। बड़ी ग्रामीण आबादी का है बाजार

कुर्था बाजार आसपास की बड़ी ग्रामीण आबादी का बाजार है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग आसपास के गांवों से विभिन्न काम से पहुंचे हैं। मुख्य बाजार की सड़क की नारकीय स्थिति से उन्हें कीचड़ के बीच गुजरना पड़ा है। इससे महिलाओं बच्चों के साथ वृद्धों को ज्यादा परेशानी होती है।

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