जागरण संवाददाता, जहानाबाद

शहर में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की चाय वाली मौसी सदा के लिए चिर ¨नद्रा में सो गई। मंगलवार की रात अचानक हृदयगति रूक जाने के कारण मौसी उर्फ कारी देवी का निधन हो गया। वह अपने पीछे दो पुत्र मधेश और मुकेश एवं एक पुत्री अर्चना समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गई है। तकरीबन चार दशक से जिला मुख्यालय के कोर्ट एरिया में राजनीतिक विमर्श का केन्द्र बुढि़या मौसी उर्फ कारी देवी का चाय दुकान रहा है। इनका सम्मान छोटे कार्यकर्ता से लेकर विधायक तक करते थे। बुढि़या मौसी के नाम से चर्चित चाय की दुकान पर अहले सुबह से हीं राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो जाता था। राजनीतिक विमर्श का केन्द्र बना रहा चाय दुकान पर मौसी की चाय तो मीठी होती हीं थी उसकी फटकार भी कम प्यारी नही होती थी। कई राजनीतिक कार्यकर्ता तो चाय कम बुढि़या मौसी की प्यार भरी फटकार सुनने हीं चाय दुकान पर जाते थे। मौसी की बातों को न कार्यकर्ता बुरा मानते थे और नहीं माननीय लोग। सभी लोग बुढि़या मौसी की फटकार को आशीर्वाद मानते थे। बुढि़या मौसी के अचानक दुनिया छोड़ चले जाने से लोग हैरान रह गये। जिसने भी सुना उसे तो पहले विश्वास नही हुआ और फिर जब देखा तो आंखें भर आई। नगर थानाध्यक्ष एसके शाही भी उसके मुरीदों में एक थे। उन्होने भी पार्थिव शरीर के पास जाकर श्रद्धांजलि दी। इधर पूर्व विधायक डॉ.मुनीलाल यादव, डॉ.सच्चितानंद यादव, मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष सह जनमुक्ति के जिलाध्यक्ष हरिलाल यादव, राजद के जिला प्रवक्ता डॉ.शशिरंजन उर्फ पप्पु यादव, राजद नेता डॉअजय कुमार यादव, रमेश यादव, तल्लु राय, सुरेश यादव, संजय लालसे, परमहंस राय, अशोक यादव देवरिया, अशोक यादव, नागदेव यादव, सतीष मंडल, मुन्ना यादव, छात्र राजद जिलाध्यक्ष शैलेश यादव, युवा राजद नेता सह सामाजिक कार्यकर्ता छोटू यादव, जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष जयप्रकाश चन्द्रवंशी, अधिवक्ता अवधेश यादव, हम पार्टी के अष्विनी, जदयू महासचिव मुरारी यादव, अवधेश चन्द्रवंशी, नागेन्द्र मेहता सहित कई राजनीतिक दल के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अपनी संवेदना जतायी है।

Posted By: Jagran

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