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वैज्ञानिक खेती से 2.5 गुना बढ़ी कमाई; जहानाबाद के किसान की सफलता चर्चा में, 20 हजार लागत 80 हजार आमदनी

Published: Fri, 29 May 2026 10:48 AM (IST)

जहानाबाद के प्रगतिशील किसान सुरेंद्र सिंह ने पारंपरिक के साथ आधुनिक व वैज्ञानिक खेती अपनाकर अपनी आय को ढाई गुना ...और पढ़ें

अपने खेत में क‍िसान सुरेंद्र स‍िंह। जागरण

अपने खेत में क‍िसान सुरेंद्र स‍िंह। जागरण

HighLights

  1. किसान सुरेंद्र सिंह ने अपनाई आधुनिक व वैज्ञानिक खेती।

  2. बैंगन और फूलगोभी की खेती से कमा रहे हैं मुनाफा।

  3. कृषि विभाग व आत्मा से मिला प्रशिक्षण और मार्गदर्शन।

जागरण संवाददाता, जहानाबाद। जिले के काको प्रखंड अंतर्गत नारायणपुर गांव निवासी प्रगतिशील किसान सुरेंद्र सिंह पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकी अपना रहे हैं।

इन कृषि तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन एवं अधिक आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। सुरेंद्र सिंह के पास लगभग 20 एकड़ कृषि भूमि है। 

उनमें 10 एकड़ में धान, सरसों एवं राई जैसी पारंपरिक फसलों की खेती की जाती है, जबकि शेष 10 एकड़ में विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती की जाती है।

बैंगन एवं फूलगोभी की खेती से अच्‍छी आमदनी

वे मुख्य रूप से बैंगन एवं फूलगोभी की खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि दो एकड़ क्षेत्र में हाइब्रिड बैंगन की खेती करते हैं, जिसमें लगभग 20 हजार रुपये की लागत आती है। 

जबकि लगभग 80 हजार रुपये तक की आमदनी होती है। इसी प्रकार दो एकड़ क्षेत्र में फूलगोभी की खेती में भी लगभग 20 हजार रुपये की लागत आती है तथा 80 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक की आय प्राप्त होती है।

सभी सब्जियों की बिक्री मुख्य रूप से जहानाबाद जिले में ही हो जाती हैं। सुरेंद्र सिंह ने कहा कि कृषि विभाग, आत्मा, जहानाबाद द्वारा उन्हें नई कृषि तकनीकों एवं आधुनिक खेती पद्धतियों के संबंध में लगातार प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

आत्मा के माध्यम से उन्हें दरभंगा, समस्तीपुर, भागलपुर एवं वाराणसी स्थित विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षण हेतु भेजा गया, जहां उन्होंने उन्नत कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ।

आत्‍मा से मिलता है सहयोग 

आत्मा के तकनीकी सलाहकार समय-समय पर उनके खेतों का निरीक्षण करते हैं तथा फसलों में होने वाली बीमारियों एवं उनके उपचार के संबंध में आवश्यक जानकारी देते हैं, जिससे फसल को नुकसान से बचाने में काफी सहायता मिलती है।

वर्तमान में वे जैविक एवं रासायनिक दोनों प्रकार की खेती करते हैं तथा लगभग आधे-आधे क्षेत्र में दोनों पद्धतियों का उपयोग करते हैं।

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि सुरेंद्र सिंह विगत लगभग 35 वर्षों से खेती कर रहे हैं। आज पहले की तुलना में लगभग 2 से 2.5 गुना अधिक आमदनी अर्जित कर रहे हैं।

उन्होंने जिले के किसानों से अपील की कि वे भी कृषि विभाग एवं आत्मा द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती कर खेती से होने वाली अपनी आय में वृद्धि करें।