गोपालगंज : शहर के हजियापुर गांव निवासी प्रमोद दुबे के पुत्र अनुराग दुबे कभी यमराज का वेश बनाकर लोगों को डराते हुए यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते थे। वे बाइक चालकों को हेलमेट व कार चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए अपील करते थे। बेंगलुरु में कार की चपेट में आने के बाद अनुराग दुबे जख्मी हो गए। इसके बाद उनकी तबीयत खराब होती चली गई। आज अनुराग दुबे की जान बचाने के लिए युवा इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर आम लोगों से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

बताया जाता है कि शहर के हजियापुर गांव निवासी प्रमोद कुमार दुबे के पुत्र अनुराग दुबे करीब दो साल पूर्व बेंगलुरु में सड़क पार करने के दौरान कार की चपेट में आ गए थे। इस दौरान वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। पिता प्रमोद दुबे ने बेटे का इलाज कराकर उन्हें स्वस्थ कर दिया। इसके बाद वह घर आ गए। हादसे के करीब 18 माह बाद जख्मी अनुराग दुबे के स्पाइनल व कमर में लगी गहरी चोट के कारण उनकी तबीयत और बिगड़ गई। इसके बाद आनन-फानन में उनकी मां उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पिता के घर नहीं होने के कारण उनकी तबीयत खराब होती चली गई। इस बीच परिवार की माली हालत ठीक नहीं होने के कारण उनका बेहतर इलाज भी नहीं हो पा रहा था। इस दौरान उन्हें बेड सोल हो गया। इसके बाद उनकी स्वास्थ्य में और गिरावट गई। इसके बाद अनुराग दुबे की बहन बहन सृष्टि कुमारी, दोस्त सनी सिंह विकास, अनीश कुमार, सहित अन्य ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर आम लोगों से मदद की गुहार लगाई। लोगों के द्वारा आनलाइन मदद मुहैया कराई जा रही है। इसके बाद अनुराग दुबे को उनकी मां व अन्य सदस्य गोरखपुर स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां उनका इलाज चल रहा है। बता दें कि यमराज बनकर वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का तरीका लोगों को खूब पसंद आता था।

Edited By: Jagran