गोपालगंज : चैती छठ पूजा को लेकर जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में तैयारियां तेज हो गई हैं। रविवार को व्रत धारण करने वाली महिलाएं अपने घर के समीप बने घाटों के अलावा अन्य स्थानों पर अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को पहला अ‌र्घ्य देंगी। नहाय खाय के बाद शनिवार को व्रतियों ने दिनभर खरना किया और परिवार के सदस्य पूजा के दौरान प्रयोग में लाए जाने वाले सामानों की खरीदारी में लगे रहे। कोरोना वायरस को देखते हुए लोग इस बार छठ पूजा आपस में पर्याप्त दूरी बनाकर रखने के लिए अपने घरों में ही करने की तैयारी में हैं। इसके लिए कुछ परिवारों के लोग अपनी मकान के छत पर तो कुछ घर के मुख्य दरवाजे के समीप घाट बनाकर पूजा करने की तैयारी में हैं।

छठ पूजा को लेकर शनिवार को खरना के साथ ही घरों में पूरे दिन तैयारियां चलती रहीं। इस बीच परिवार के पुरुष सदस्य कोरोना को देखते हुए घाट की व्यवस्था करने में लगे रहे। परिवार के लोग कोरोना के संक्रमण को देखते हुए स्वजन को भीड़भाड़ में छठ घाट पर जाने से रोकने के लिए तैयारियों में जुट गए हैं। इसके तहत घाट बनाने से लेकर पूजन के दौरान प्रयोग में लाए जाने वाले सामान को बाजार से घर लाने की तैयारियों में जुट गए हैं। उधर शनिवार को व्रत धारण करने वाली महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला रहकर खरना किया। रविवार को भी निर्जला व्रत धारण करने के बाद व्रत धारण करने वाले व्रती अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को पहला अ‌र्घ्य देंगे। सोमवार की तड़के भगवान भास्कर को अ‌र्घ्य देने के साथ ही चार दिन तक चलने वाले इस लोक आस्था के पर्व का विधिवत समापन हो जाएगा।

मिट्टी के बरतन व अन्य सामानों की सजीं दुकानें

चैती छठ को लेकर शनिवार को कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच बाजार में मिट्टी के बरतन से लेकर सिदूर, पान का पत्ता आदि की दुकानें खुल गईं। इस बीच शनिवार को मौसमी फलों की दुकानें भी बाजार में लग गईं। प्रशासनिक स्तर पर कोरोना को लेकर लगातार सख्ती बरते जाने के कारण मौसमी फलों की दुकानें कम संख्या में खुलीं हैं। बावजूद इसके बाजार में मिल रहे सामानों को खरीदने के लिए लोग बाजार में पहुंचे। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने की बात का पूरा ख्याल रखा। ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को अपने घर तक पहुंचने से लोग रोक सकें।