गोपालगंज : वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 21 दिन का लॉक डाउन किया है। बावजूद इसके लोग सड़क पर निकलने से बाज नहीं आ रहे। जिसे देखते हुए अपने गांव के लोगों को कोराना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए ग्रामीण बाहरी लोग उनके गांव में नहीं आ सके, इसको लेकर उपाय करने लगे हैं। शनिवार को भोरे प्रखंड की लामीचौर पंचायत को ग्रामीणों ने लामीचौर गांव में कोई बाहरी व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सके, इसको लेकर इस पंचायत से होकर गुजरने वाली दो मुख्य सड़कों को ग्रामीणों ने सील कर दिया। जिन दो मुख्य सड़कों को सील किया गया है, उनमें हुस्सेपुर - जगतौली तथा लामीचौर- भोरे मुख्य पथ शामिल हैं। हालांकि इन दोनों जगहों पर प्रशासन के वाहन को आने जाने देने के लिए दो लोगों को तैनात भी किया गया है। इसके आलावा पंचायत के सेमरौना, पियरौंटा, लकठहां, लक्ष्मीपुर, बंधूछापर, चौबरिया टोला के ग्रामीणों ने अपने गांव आने वाले रास्ते को ईंट और बांस बल्ली लगा कर सील कर दिया है। सैमरौना गांव निवासी पहवारी शर्मा ने बताया कि पड़ोस के जिले सिवान में कोरोना पॉ•ाटिव मिलने के बाद ग्रामीणों ने यह निर्णय लिया गया। वहीं पंचायत के मुखिया ऋषिदेव पांडेय ने बताया कि पंचायत को सील किया गया है। 14 अप्रैल तक इस पंचायत में किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

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मीरगंज नगर में बांस बल्ली लगा मोहल्ले के रास्ते को किया सील

फोटो फाइल : 28 जीपीएल 23

संवाद सूत्र,उचकागांव(गोपालगंज) : लॉकडाउन के बीच मीरगंज नगर पंचायत प्रशासन ने लोग सड़कों पर नहीं निकलें इसके लिए शनिवार को गली-मुहल्लों के रास्तों को सील कर दिया। प्रशासन ने केवल मुख्य मार्ग को ही खुला रखा है। जिससे शहर वासियों की जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए आवागमन हो सके। मीरगंज नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी केशव गोयल ने बताया कि लॉकडाउन को पूरी तरह कड़ाई से पालन कराने के लिए गलियों व मुहल्लों के रास्ते को सील किया गया है। इसके लिए बांस-बल्ले से सड़कों की घेराबंदी की गई है। शहर के कुशवाहा चौक, मिल रोड, बाजार रोड, गल्ला मंडी, सब्जी मंडी सहित कई छोटी गलियों को सील किया गया है।

Posted By: Jagran

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