संवाद सूत्र, कुचायकोट (गोपालगंज) : कुचायकोट थाना क्षेत्र के हाता मठिया गांव में शमशान की सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण किए जाने का विरोध में उग्र ग्रामीणों ने श्मशान भूमि के पास सोमवार को धरना दिया। धरना के दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी भी की।

धरना पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई पीढि़यों से हाता मठिया गांव के इस जमीन पर ग्रामीणों द्वारा शव दाह किया जाता है। ग्रामीणों का आरोप था कि हाल के कुछ दिनों से गांव के कुछ दबंग लोग कब्रिस्तान के इस गैरमजरूआ मालिक जमीन का अतिक्रमण करने में लगे हैं। ग्रामीणों का कहना था कि इस अतिक्रमण को लेकर उन्होंने कई बार अंचल पदाधिकारी से लेकर अन्य पदाधिकारियों से गुहार लगाई, बावजूद इसके किसी ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया और अतिक्रमणकारियों का हौसला बढ़ता गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमणकारी लगातार शमशान की भूमि पर अवैध कब्जा कर रहे हैं। शिकायत के बावजूद पदाधिकारियों द्वारा इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दिए जाने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को उक्त जमीन के पास एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए और प्रदर्शन करने लगे। दिन भर धरना प्रदर्शन के बाद ग्रामीण वापस लौटे। ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने अंचल पदाधिकारी से अविलंब इस जमीन की पैमाइश कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना था प्रशासन तत्काल उस जमीन की पैमाइश के बाद उसकी घेराबंदी कराये। अगर प्रशासनिक स्तर पर उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे प्रखंड व जिला स्तर पर आंदोलन को विवश होंगे। प्रदर्शन करने वालों में प्रमुख रूप से आलोक तिवारी, भूषण चौबे, अनिरुद्ध पंडित, गजेंद्र राम, सत्यदेव भगत, बाबूलाल राम, नागेश्वर राम समेत तमाम ग्रामीण शामिल रहे।

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