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गोपालगंज: थावे मंदिर परिसर विकास की धीमी रफ्तार, मियाद बीती पर काम अधूरा

Published: Tue, 08 Sep 2026 03:33 PM (IST)

थावे दुर्गा मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण की योजना धीमी गति से चल रही है, जिससे तय समय-सीमा बीतने के बावजूद अधिकांश कार्य अधूरे हैं।

थावे मंदिर परिसर विकास की धीमी रफ्तार, मियाद बीती पर काम अधूरा

थावे मंदिर परिसर विकास की धीमी रफ्तार, मियाद बीती पर काम अधूरा

HighLights

  1. थावे दुर्गा मंदिर को पर्यटन केंद्र बनाने की योजना।

  2. तय मियाद बीतने पर भी अधिकांश कार्य अधूरे।

  3. श्रद्धालुओं को पार्किंग, यात्री निवास जैसी सुविधाओं का इंतजार।

मिथिलेश तिवारी, गोपालगंज। सूबे के प्रसिद्ध शक्तिपीठ थावे दुर्गा मंदिर को पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। महत्वाकांक्षी विकास एवं सौंदर्यीकरण योजना की तय मियाद बीत चुकी है, लेकिन अब तक अधिकांश कार्य अधूरे हैं।

अक्टूबर 2023 में योजना को करीब 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लक्ष्य के अनुरूप काम पूरा नहीं होने से मंदिर परिसर और आसपास प्रस्तावित कई सुविधाएं श्रद्धालुओं को अबतक नहीं मिल सकी हैं।

योजना के तहत थावे दुर्गा मंदिर से लेकर रहसू मंदिर तथा आसपास के क्षेत्र का व्यापक विकास और सौंदर्यीकरण किया जाना है। मंदिर क्षेत्र को तीन जोन में बांटकर अलग-अलग चरणों में विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।

इनमें मुख्य प्रवेश द्वार, पार्किंग, तालाब का सौंदर्यीकरण, यात्री निवास, चिल्ड्रेन पार्क, दुकानें, मेला ग्राउंड सहित कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। हालांकि, करीब 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। 60 प्रतिशत से अधिक कार्य अब भी अधूरा बताया जा रहा है।

मुख्य प्रवेश द्वार से तालाब तक कई कार्य अधूरे

योजना के तहत थावे दुर्गा मंदिर जाने वाली मुख्य सड़क पर स्थित गोल चक्कर से लेकर मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार तक क्षेत्र का विकास किया जाना है। इसके अलावा, पार्किंग स्थल, मेला ग्राउंड, हनुमान मंदिर, विवाह भवन, वन क्षेत्र और मुख्य दुर्गा मंदिर परिसर को भी विकसित करने की योजना है।

मंदिर के सामने स्थित तालाब का सौंदर्यीकरण और तालाब तक पहुंचने के लिए पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है। बच्चों के लिए खेलने का मैदान और अन्य पर्यटक सुविधाएं भी विकसित की जानी हैं। इन कार्यों के पूरी तरह धरातल पर नहीं उतरने से श्रद्धालुओं को अभी भी अपेक्षित सुविधाओं का इंतजार है।

करीब सौ करोड़ की योजना, 29 करोड़ की राशि आवंटित

थावे मंदिर और आसपास के क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए करीब सौ करोड़ रुपये की व्यापक योजना बनाई गई है। इसके तहत 29 करोड़ रुपये की राशि भी आवंटित की गई।

योजना का उद्देश्य मंदिर परिसर के साथ आसपास के क्षेत्रों का समेकित विकास कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन निर्माण कार्यों की धीमी गति के कारण योजना का लाभ निर्धारित समय पर लोगों को नहीं मिल सका।

30.34 करोड़ प्रशासनिक स्वीकृति के बाद भी संपर्क पथ अधूरा

थावे मंदिर के विकास को लेकर वर्ष 2025 में राज्य कैबिनेट ने संपर्क सह आंतरिक पथ निर्माण सहित अन्य कार्यों के लिए 30 करोड़ 34 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी थी।

इस राशि से मंदिर तक पहुंचने वाली संपर्क सड़क और आंतरिक पथ का निर्माण कराया जाना था। सड़क निर्माण से श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम होने की उम्मीद थी, लेकिन यह कार्य भी अभी पूरा नहीं हो सका है।

मार्च 2025 में तेजी लाने का दिया गया था निर्देश

निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार को देखते हुए मार्च 2025 में प्रशासन की ओर से संबंधित एजेंसी को कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद योजना के कई महत्वपूर्ण हिस्से अभी अधूरे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अब शेष कार्यों को पूरा करने में कितना समय लगेगा।

श्रद्धालुओं को सुविधाओं का इंतजार

थावे दुर्गा मंदिर में वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नवरात्र और अन्य प्रमुख अवसरों पर यहां भीड़ और बढ़ जाती है। ऐसे में पार्किंग, यात्री निवास, सुगम संपर्क पथ, व्यवस्थित बाजार और मनोरंजन क्षेत्र जैसी सुविधाओं का निर्माण पूरा होने से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिल सकती है। अब भी श्रद्धालुओं को यहां सुविधाओं का इंतजार है।