गोपालगंज में मिठाइयों के दाम में 20 से 50 रुपये प्रति किलो का उछाल, गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहने की सलाह
गोपालगंज में रक्षाबंधन से पहले मिठाइयों के दाम में 20-50 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है, जिसका कारण चीनी और कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि है।

मिठाइयों के दाम में उछाल
HighLights
रक्षाबंधन से पहले गोपालगंज में मिठाइयों के दाम 20-50 रुपये बढ़े।
चीनी और कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि मुख्य कारण है।
त्योहार पर मिलावट से बचने के लिए गुणवत्ता जांचने की सलाह।
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। पर्व को लेकर लोग राखी के साथ मिठाइयों की खरीदारी में भी जुट गए हैं। रक्षाबंधन पर मिठाई की मांग बढ़ने के साथ ही इसकी कीमतों में भी तेजी आई है।
पिछले आठ दिनों में मिठाइयों के दाम में 20 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम तक की वृद्धि हुई है। कारोबारियों के अनुसार, चीनी की बढ़ी कीमत और दूध सहित अन्य कच्चे माल के दाम में वृद्धि का असर मिठाई की कीमतों पर पड़ा है।
मिठाई की गुणवत्ता को लेकर बरतें सावधानी
त्योहार के दौरान मिठाइयों की बढ़ती मांग को देखते हुए मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है। बाजार में बिकने वाली मिठाइयों में खोया, मेवा और घी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम कीमत में मिलने वाली खोया आधारित मिठाई की गुणवत्ता को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।
कारोबारी बताते हैं कि वर्तमान में दूध की कीमत करीब 55 से 60 रुपये प्रति लीटर है। एक लीटर दूध से औसतन 180 से 200 ग्राम तक खोया निकलता है। इस हिसाब से एक किलोग्राम शुद्ध खोया तैयार करने की लागत ही करीब 280 से 300 रुपये तक पहुंच जाती है। ऐसे में इससे काफी कम कीमत पर मिलने वाली खोया की मिठाई में मिलावट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
लड्डू-बूंदी की बढ़ी मांग, यहां भी सावधानी जरूरी
रक्षाबंधन पर लड्डू और बूंदी की मांग भी बढ़ जाती है। इन मिठाइयों में भी मिलावट की शिकायतें सामने आती रही हैं। जानकारों के अनुसार, कुछ जगहों पर लड्डू में बेसन के साथ खेसारी या मैदा मिलाने की आशंका रहती है। वहीं, घी या रिफाइंड के स्थान पर घटिया गुणवत्ता वाले तेल के इस्तेमाल से भी लागत कम करने की कोशिश की जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को मिठाई खरीदते समय दुकान और उत्पाद की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए।
ऐसे पहचानें खोया
खोये की प्राथमिक जांच के लिए थोड़ी मात्रा हथेली पर लेकर रगड़ी जा सकती है। यदि उसमें अपेक्षित चिकनाई नहीं आती है तो उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ सकता है। अच्छी गुणवत्ता वाले खोये का स्वाद हल्का खट्टापन लिए हो सकता है। हालांकि, घरेलू स्तर पर की गई जांच को अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग से जांच कराना अधिक उचित है।
कहते हैं चिकित्सक
चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार रंजन के अनुसार, त्योहार पर घर में तैयार की गई मिठाइयां अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प हो सकती हैं। संदिग्ध या घटिया गुणवत्ता की मिठाइयों के सेवन से पेट संबंधी परेशानी, एसिडिटी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए त्योहार की खुशी में मिठाई खरीदते समय स्वाद के साथ उसकी गुणवत्ता का भी ध्यान रखना जरूरी है।
