गोपालगंज। जिलाधिकारी डा. नवल किशोर चौधरी ने जल-जीवन-हरियाली अभियान की मंगलवार को विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में डीएम ने तालाब व पोखरा के जीर्णोद्धार व इसकी डाटा इंट्री के कार्य में सुस्ती बरतने पर लघु सिचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता के वेतन निकासी पर रोक लगाने का आदेश दिया। घंटों चली बैठक में डीएम ने अभियान से जुड़े तमाम विभागों के कार्यों की जानकारी प्राप्त की।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक के दौरान डीएम ने लघु सिचाई विभाग के कार्य की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में डीएम ने लघु सिचाई विभाग के कार्य की प्रगति अपेक्षित नहीं होने का कारण कार्यपालक अभियंता से जानना चाहा। लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। समीक्षा के क्रम में डीएम ने जब पोर्टल पर डाटा इंट्री कार्य की समीक्षा की, तो इस कार्य में भी लापरवाही उजागर हुई। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्यपालक अभियंता के वेतन निकासी पर रोक लगाने का आदेश दिया। समीक्षा बैठक में डीएम ने मनरेगा से निजी जमीन पर मौजूद तालाबों की दशा को सुधारने व निर्माण कार्य के लक्ष्य को ससमय पूर्ण करने का निर्देश उप विकास आयुक्त को दिया। उन्होंने सरकारी व नीजी तालाबों के अतिक्रमण के संबंध में भी विस्तृत प्रतिवेदन की मांग की। बैठक में डीएम ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले इलाके के लिए आश्रय स्थलों की तेजी से पहचान करने को कहा। डीएम ने कहा कि कोविड के कारण इस साल पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक संख्या में आश्रय स्थल बनाया जाए। ताकि कोविड से संक्रमित लोगों को अलग आश्रय स्थल में रखने की व्यवस्था हो सके। बैठक में सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों के अलावा अपर समाहर्ता वीरेंद्र प्रसाद सहित तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।

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