जागरण संवाददाता, गोपालगंज : कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराने का संकट खड़ा हो गया है। अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर दो दिन से काला फीता लगाकर कार्य कर रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मी, अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो कार्य का बहिष्कार करते हुए होम आइसोलेशन में चले जाएंगे। मंगलवार को बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ के अध्यक्ष धीरज कुमार, उपाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सहित अन्य सदस्यों ने जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी को ज्ञापन सौंपकर उन्हें मांगे पूरी नहीं होने पर कार्य का बहिष्कार करने की जानकारी दिया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने उनकी मांगे पूरी करने के लिए 48 घंटे का समय मांगा है। बुधवार को अगर मांगें पूरी नहीं होती है तो संविदा स्वास्थ्य कर्मी कार्य का बहिष्कार करेंगे।

बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ के उपाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने बताया कि कोविड-19 के भयावह स्थिति में संविदा पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी लगातार कार्य कर रहे हैं। लेकिन राज्य सरकार संविदा पर बहाल हुए स्वास्थ्य कर्मियों को किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं दे रही है। अपनी आठ सूत्री मांग को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मी दो दिन से काला फीता लगाकर काम कर रहे हैं। सरकार ने उनकी मांगों को पूरा करने के लिए 48 घंटे का समय मांगा है। उन्होंने पूर्ण अकाल मृत्यु होने पर परिवार पेंशन, आश्रितों को नौकरी सहित अन्य सुविधा स्वास्थ्य संविदा कर्मियों के लिए भी तत्काल लागू करने कर सरकार से मांग किया। उन्होंने कहा कि अगर बुधवार तक मांगे पूरी नहीं हुई तो संविदा पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी कार्य का बहिष्कार कर होम आइसोलेशन में चले जाएंगे।