रेलवे ने 203 करोड़ की परियोजना पर खर्च किए 277 करोड़, फिर भी हथुआ-भटनी रेल लाइन का काम बंद
सांसदों द्वारा संसद में आवाज उठाने के बावजूद हथुआ-भटनी नई रेल लाइन परियोजना पर कोई प्रगति नहीं हुई है। आरटीआई ...और पढ़ें

हथुआ-भटनी रेललाइन का काम हुआ बंद। सांकेतिक तस्वीर
पवन कुमार मिश्र, देवरिया। हथुआ-भटनी नई रेल लाइन परियोजना को लेकर सांसदों की ओर से संसद में आवाज उठाए जाने के बाद भी रेलवे की तरफ से न तो कोई पत्राचार किया जा रहा है और न ही आगे की कोई कार्यवाही।
आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के लोक सूचना अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने 25 अगस्त को यह जानकारी दी है।
उन्होंने कहा है कि रेलवे बोर्ड ने भूमि अधिग्रहण में देरी व कार्य प्रगति धीमी होने के कारण 11 अगस्त 2020 को ही परियोजना को ड्राप करने की स्वीकृति दे दी थी। इसके बाद परियोजना से संबंधित गतिविधियां बंद हैं।
परियोजना 2020 में ही हो चुकी है बंद
आरटीआइ से परियोजना की वर्तमान स्थिति, उसे बंद किए जाने के आदेश, वर्ष 2021 से अब तक के पत्राचार, प्रगति, लागत व व्यय, अब तक पूरे हुए कार्य, आगे की कार्ययोजना व समय-सीमा समेत 10 बिंदुओं पर सूचना मांगी गई थी।
इसमें गोपालगंज के सांसद डाॅ. आलोक कुमार सुमन व सलेमपुर के सांसद रमाशंकर राजभर की ओर से लोकसभा में परियोजना से संबंधित प्रश्नों के आधिकारिक उत्तर की प्रतियां भी मांगी गई थीं।
रेलवे ने बताया कि परियोजना को 22 मई 2006 को स्वीकृति मिली थी। इसकी स्वीकृत लंबाई 79.74 किलोमीटर व मूल लागत 203.59 करोड़ रुपये थी।
अब तक 277.14 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। हथुआ से पंचदेवरी तक करीब 30 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुपालन में परियोजना बंद कर दी गई।
गोपालगंज में भूमि अधिग्रहण भी पूरी तरह बंद
जिला प्रशासन को पांच दिसंबर 2024 को भेजे पत्र में पूर्वोत्तर रेलवे ने स्पष्ट किया था कि हथुआ-भटनी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी कोई कार्य वर्तमान में सक्रिय नहीं है। परियोजना से जुड़ी गतिविधियां स्थगित कर दी गईं।
देवरिया के 14 गांवों से होकर गुजरनी थी रेल लाइन
हथुआ-भटनी नई रेल लाइन परियोजना के तहत देवरिया जिले में 12.45 किलोमीटर रेल लाइन प्रस्तावित थी। इसके लिए सलेमपुर व भाटपाररानी तहसील के 14 गांवों की करीब 41.902 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण में शामिल थी।
इनमें हतवा, नकहनी, तेनुआ, जिगिना मिश्र, रायबारी, पिपरा विठ्ठल, घांटी, मायापुर, घांटी खास, चौरिया, बनकटा तिवारी, अमवा, सिंहपुर, धर्मखोर बाबू व इमिलिया गांव शामिल थे।
