गोपालगंज में 379 करोड़ की सड़क योजनाओं की धीमी चाल, बाइपास से थावे मंदिर तक ये काम अब भी बाकी
गोपालगंज में 378.97 करोड़ रुपये की चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं की रफ्तार धीमी है, जिन्हें 2025 में प्रशासनिक स्वीकृति मिली ...और पढ़ें

मांझा से इसी सड़क पर होना है गोपालगंज बाइपास का निर्माण। जागरण
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। जिले की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और प्रमुख शहरों को जाम से राहत दिलाने के लिए शुरू की गई चार बड़ी सड़क परियोजनाओं की रफ्तार धीमी है।
करीब 378.97 करोड़ रुपये की लागत वाली इन योजनाओं को वर्ष 2025 में प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। इनमें गोपालगंज, मीरगंज-सबेयां, कटेया-विजयीपुर-देवरिया बाइपास और थावे मंदिर संपर्क सह आंतरिक पथ शामिल हैं।
जनवरी 2026 में मुख्यमंत्री स्तर से भी इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई थी। इसके बावजूद करीब डेढ़ साल बाद भी कई योजनाएं निर्माण की गति नहीं पकड़ सकी हैं।
कहीं भू-अर्जन की प्रक्रिया बाधा बनी है तो कहीं निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे इन परियोजनाओं का निर्धारित समय में पूरा होना चुनौती बना हुआ है।
12.60 किमी गोपालगंज बाइपास की रफ्तार सुस्त
शहर को जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से 12.60 किलोमीटर लंबे गोपालगंज बाइपास का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना के लिए 126.54 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
काम शुरू होने के बावजूद निर्माण की रफ्तार धीमी बनी हुई है। बाइपास पूरा होने से शहर के भीतर से गुजरने वाले वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है।
भू-अर्जन में अटका 3.18 किमी मीरगंज बाइपास
मीरगंज को जाम से राहत दिलाने वाली 3.18 किलोमीटर लंबी मीरगंज-सबेयां बाइपास परियोजना की राह में भू-अर्जन बड़ी बाधा बना हुआ है।
131.33 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए अब तक भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। जमीन संबंधी प्रक्रिया लंबी खिंचने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। बाइपास बनने के बाद मीरगंज बाजार में वाहनों के दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कटेया औद्योगिक क्षेत्र को बाइपास का इंतजार
5.75 किलोमीटर लंबे कटेया-विजयीपुर-देवरिया बाइपास के निर्माण के लिए 90.35 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
परियोजना का उद्देश्य कटेया औद्योगिक क्षेत्र को प्रमुख मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी देना और आवागमन सुगम बनाना है। हालांकि परियोजना की धीमी प्रगति के कारण इसका लाभ अभी लोगों और औद्योगिक क्षेत्र को नहीं मिल पा रहा है।
थावे मंदिर की सड़क का निर्माण भी शुरू नहीं
प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए थावे मंदिर संपर्क सह आंतरिक पथ परियोजना को भी स्वीकृति दी गई थी।
करीब चार किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए 30.75 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति फरवरी 2025 में मिली थी।
इसमें मुख्य संपर्क पथ और मंदिर परिसर के आंतरिक पथ समेत अन्य उन्नयन कार्य शामिल हैं। इसके बावजूद आंतरिक पथ का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है।
परियोजना वार स्थिति
| परियोजना | लंबाई | स्वीकृत राशि | मौजूदा स्थिति |
|---|---|---|---|
| गोपालगंज बाइपास | 12.60 किमी | 126.54 करोड़ | निर्माण की रफ्तार धीमी |
| मीरगंज-सबेयां बाइपास | 3.18 किमी | 131.33 करोड़ | भू-अर्जन प्रक्रिया पूरी नहीं |
| कटेया-विजयीपुर-देवरिया बाइपास | 5.75 किमी | 90.35 करोड़ | कनेक्टिविटी का इंतजार |
| थावे मंदिर संपर्क सह आंतरिक पथ | 4.00 किमी | 30.75 करोड़ | निर्माण शुरू नहीं |
कुल स्वीकृत राशि: 378.97 करोड़ रुपये।
