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गोपालगंज में विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों की ठगी, अब अभियुक्त के खिलाफ EOU करेगी जांच

Published: Sun, 21 Jun 2026 07:11 PM (GMT+05:30)

विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों की कथित ठगी के मामले में गोपालगंज पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।

ईओयू करेगी जांच। (फाइल फोटो)

ईओयू करेगी जांच। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप।

  2. आरोपी परशुराम यादव के खिलाफ PMLA जांच का प्रस्ताव।

  3. आर्थिक अपराध इकाई को भेजा गया 1.4 करोड़ की संपत्ति का ब्योरा।

जागरण संवाददाता, गोपालगंज। विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी है।

कटेया थाना क्षेत्र के महेथवा गांव निवासी अभियुक्त परशुराम कुमार उर्फ पशुराम यादव के खिलाफ प्रिवेंशन आफ मनी लान्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जांच एवं कार्रवाई के लिए प्रस्ताव आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को भेजा गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार अभियुक्त पर विदेश में नौकरी दिलाने और लोगों को बाहर भेजने के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी करने का आरोप है।

मामले की जांच के दौरान उसके बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों तथा वित्तीय लेनदेन की विस्तृत पड़ताल की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जानकारी संकलित कर आर्थिक अपराध इकाई को भेजी है।

1 करोड़ से अधिक की संपत्ति

कटेया थाना में दर्ज प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि अभियुक्त ने कथित रूप से ठगी से प्राप्त धनराशि के जरिए करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित की है।

इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध संपत्ति से जुड़े पहलुओं की गहन जांच की मांग की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी से प्राप्त राशि को किन-किन खातों में स्थानांतरित किया गया तथा उसका उपयोग किस प्रकार संपत्ति बनाने में किया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में वित्तीय दस्तावेजों और बैंकिंग लेनदेन की जांच जारी है। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित कानूनों के तहत संपत्तियों को जब्त करने सहित अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस का कहना है कि संगठित एवं आर्थिक अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले अपराधियों की पहचान कर उनके आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में आगे की जांच आर्थिक अपराध इकाई के स्तर पर की जाएगी।

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