गोपालगंज में टला बाढ़ का खतरा, 1.5 लाख क्यूसेक पानी के बाद भी मजबूत रहे तटबंध; डीएम बोले- घबराएं नहीं, सतर्क रहें
गोपालगंज में नेपाल से आए बाढ़ के खतरे के बावजूद गंडक नदी का जलस्तर सामान्य बना हुआ है और तटबंध ...और पढ़ें
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गोपालगंज में सारण तटबंध पर भरे जा रहे बोरे। जागरण
HighLights
नेपाल से आए 1.5 लाख क्यूसेक पानी का दबाव झेला।
गंडक नदी का जलस्तर सामान्य, बाढ़ का कोई खतरा नहीं।
जिला प्रशासन सतर्क, तटबंधों की लगातार निगरानी जारी।
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। नेपाल के तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने के बाद आई बाढ़ की आशंका को लेकर गोपालगंज में गुरुवार को स्थिति सामान्य बनी रही।
गंडक नदी के जलस्तर में अबतक किसी असामान्य बढ़ोतरी की सूचना नहीं है। हालांकि जिला प्रशासन से लेकर जल संसाधन विभाग तक पूरी तरह सतर्क है और नदी व तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।
जिला प्रशासन अलर्ट मोड में
कुचायकोट प्रखंड के सारण तटबंध पर काला मटिहनिया गांव के समीप एहतियात के तौर पर तैयारी तेज कर दी गई है। यहां जगह-जगह कामगारों को बोरे में बालू भरकर रखने के काम में लगाया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल इनका उपयोग तटबंध की सुरक्षा में किया जा सके।
अंचल अधिकारी मनोरंजन शुक्ला, बीडीओ आदित्य प्रकाश समेत प्रखंड और जिला स्तर के पदाधिकारी सारण तटबंध का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।
नदी के जलस्तर और पानी के बहाव पर भी नजर रखी जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार फिलहाल नदी में पानी का बहाव सामान्य है और बाढ़ का कोई तत्काल खतरा नहीं है।
बावजूद इसके प्रशासन ने बुधवार से ही तटबंध के अंदर और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
अंचल अधिकारी मनोरंजन शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है, लेकिन प्रशासन किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार और सतर्क है। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
तटबंध की मजबूती का दिखा असर
डीएम समीर सौरभ ने कहा कि नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद करीब 1.5 लाख क्यूसेक पानी हमारे जिले में आया था। हालांकि, हमारे तटबंध मजबूत रहे और उन्होंने पानी के दबाव को सफलतापूर्वक झेला।
इससे कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। अब पानी का स्तर घट चुका है। फिलहाल वाल्मीकिनगर बैराज से करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जो सामान्य स्थिति है।
मानसून के पूरे मौसम में तटबंधों के रखरखाव और निगरानी का काम लगातार किया जा रहा है। रात में भी नियमित रूप से पेट्रोलिंग की जाती है, ताकि तटबंधों पर किसी तरह का खतरनाक दबाव न बने और जिले को सुरक्षित रखा जा सके।
लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क जरूर रहें। यदि जलस्तर बढ़ता है तो प्रशासन की ओर से लोगों को समय रहते सूचना दी जाएगी, ताकि वे सुरक्षित स्थानों या ऊंचे इलाकों में जा सकें।"
