गंडक का रौद्र रूप: रात में सोते रहे ग्रामीण, अचानक टूटा जमींदारी बांध... गोपालगंज में महिला की मौत
गंडक नदी के उफान से गोपालगंज के बैकुंठपुर में जमींदारी बांध टूटने के बाद 19 गांवों में बाढ़ आ गई, ...और पढ़ें
HighLights
जमींदारी बांध टूटने से 19 गांवों में बाढ़ का संकट।
बाढ़ के पानी में डूबने से एक महिला की मौत।
एनडीआरएफ और प्रशासन राहत-बचाव कार्य में जुटे।
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। गंडक नदी के उफान के बीच बैकुंठपुर के शीतलपुर-पकहा क्षेत्र में जमींदारी बांध टूटने से बाढ़ ने तबाही मचा दी। बुधवार तड़के जब अधिकांश ग्रामीण घरों में सो रहे थे, तभी तेज गर्जना के साथ बांध टूट गया। देखते ही देखते पानी तेजी से गांवों में घुसने लगा। करीब 19 गांवों में बाढ़ का संकट गहरा गया और लगभग 30 हजार की आबादी प्रभावित हुई है।
सोते रहे लोग, कुछ ही देर में घरों में घुस गया पानी
बांध टूटने के बाद पानी का बहाव इतना तेज था कि ग्रामीणों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। निचले इलाकों में देखते ही देखते पांच से छह फीट तक पानी पहुंच गया। घरों में पानी घुसने के बाद लोग जरूरी सामान लेकर ऊंचे स्थानों और छतों पर शरण लेने को मजबूर हो गए।
बाढ़ के पानी में डूबी महिला की मौत
पकहा गांव निवासी चंपा देवी (50), पत्नी कंतलाल, की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैकुंठपुर से शव को पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज भेजा गया। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में दहशत और बढ़ गई है।
बांध पर शरण, बच्चे भूख से बेहाल
अचानक आई बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में परिवार बांध और अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। छोटे बच्चे भूख और जरूरी सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं।
ग्रामीणों ने नाव, भोजन, पेयजल और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। कई परिवार अपने मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
NDRF ने संभाला मोर्चा, अधिकारी मौके पर
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी है।
डीएम और एसपी समेत जिले के वरीय अधिकारी प्रभावित क्षेत्र का जायजा ले रहे हैं। बीडीओ और सीओ भी मौके पर मौजूद हैं और राहत-बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
बाढ़ के साथ जंगल से गांव तक पहुंचे हिरण
बाढ़ के तेज बहाव में बहकर आए दो हिरण भी बरामद किए गए हैं। एक हिरण उसरी गांव और दूसरा डुमरिया रिवर फ्रंट से मिला। प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव कार्य तेज कर रहा है। वहीं, ग्रामीण अब पानी कम होने और जल्द राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
